नीमच। इस्लामी कैलेंडर का नया साल माहे मोहर्रम से प्रारंभ होता है। और इस माह में विभिन्न धार्मिक आयोजन शुरू हो जाते हैं। वैसे तो यह महीना शहीदाने कर्बला हज़रत इमाम हुसैन की इस्लाम के लिए दी गई अजीमुशान कुर्बानी के लिए याद किया जाता है। उनकी शहादत को याद करने के लिए इस महीने में आयोजन शुरू हो गया है। नीमच शहर में चांद रात से ही धार्मिक आयोजन शुरू हो चुकें हैं।
आज चांद की चार तारीख है। कल पांच है। नीमच में मोहर्रम के मौके पर वर्षों पुरानी ताजिया निकालने की परंपरा रही है। नीमच शहर के ताजिए मशहूर हैं। ताजियों के साथ अखाड़ा निकलने का भी रिवाज है। नीमच शहर में नीमच सिटी कैंट बघाना क्षेत्र में पांच दिवसीय पर्व मनाया जाता है। जिसमें चांद की 9 तारीख यानी 5 जुलाई को पूरे शहर रात्रि में ताजिए निकाले जाएंगे। उसके बाद 6 जुलाई 2025 को सुबह से लेकर देर रात्रि तक ताजियों का जलसा रहेगा 7 जुलाई को नीमच सिटी में प्रमुख जलसा रहेगा और 8 जुलाई को कर्बला झंझारवाड़ा में मेले का आयोजन होगा। नीमच शहर में चांद रात से ही दलिम खिचड़ा बनाया जा रहा है। जगह-जगह ठंडे पानी की सबील लगाई गई है जिस पर आकर्षक साज सजा की गई है। इसके साथ ही शाहिद आने कर्बला की याद में विभिन्न कार्यक मों का आयोजन शहर में किया जा रहा है। ताजिए दारो द्वारा आकर्षक सुंदर ताजियों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है जो की अंतिम चरणों में चल रहा है।