नीमच। नकारात्मक खबरों के बीच एक सकारात्मक घटना ने इंसानियत और ईमानदारी पर भरोसा फिर से मजबूत कर दिया। नीमच यातायात पुलिस में पदस्थ प्रधान आरक्षक देवी सिंह चौहान ने कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी का परिचय देते हुए सड़क पर मिला एक खोया हुआ पर्स उसके वास्तविक मालिक को सुरक्षित लौटाकर सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया। जानकारी के अनुसार,प्रधान आरक्षक देवी सिंह चौहान अपने निवास पुलिस लाइन कनावटी से ड्यूटी के लिए आ रहे थे। इसी दौरान वेयरहाउस के सामने सड़क पर उन्हें एक पर्स पड़ा मिला। उन्होंने पहले आसपास काफी देर तक इंतजार किया कि शायद पर्स का मालिक उसे खोजते हुए आ जाए,लेकिन जब कोई नहीं आया तो पर्स खोलकर उसमें रखे दस्तावेजों की सहायता से मोबाइल नंबर निकालकर संपर्क किया। पर्स घसुंडी बामणी निवासी प्रहलाद शर्मा, जो नागदा अल्कलॉइड में कार्यरत हैं, का निकला। फोन पर पर्स मिलने की सूचना मिलते ही प्रहलाद शर्मा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वे तुरंत नीमच पहुंचे, जहां कमल चौक पर ड्यूटी कर रहे प्रधान आरक्षक देवी सिंह चौहान ने आवश्यक पूछताछ के बाद उन्हें उनका पर्स सुरक्षित सौंप दिया। प्रहलाद शर्मा ने बताया कि पर्स में नकदी के साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। यदि पर्स नहीं मिलता तो उन्हें भारी परेशानी और नुकसान का सामना करना पड़ता। उन्होंने नीमच पुलिस के इस ईमानदार और संवेदनशील कार्य के लिए प्रधान आरक्षक देवी सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया। पर्स मिलने की खुशी में प्रहलाद शर्मा ने प्रधान आरक्षक को इनाम देने का प्रयास किया, लेकिन देवी सिंह चौहान ने विनम्रतापूर्वक इनाम लेने से इंकार कर दिया। यह घटना साबित करती है कि आज भी समाज में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और इंसानियत जैसे मूल्य जीवित हैं। नीमच यातायात पुलिस के प्रधान आरक्षक देवी सिंह चौहान का यह सराहनीय कार्य निश्चित रूप से दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।


