मनासा। वाटरशेड ब्लाक समन्वयक परियोजना अधिकारी द्वारा अनियमितता बरतने के मामले में जिला पंचायत सीइओ गुरू प्रसाद द्वारा मामले में तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया था। जांच दल को सात दिवस में मामले की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन जांच दल के गठन हुए 22 दिन बाद भी जांच दल ने मामले में क्या जांच हुई प्रतिवेदन जिला पंचायत सीईओ को प्रेषित नहीं किया गया। शुक्रवार को जिला पंचायत सीईओ वाटर शेड का निरीक्षण करने मनासा पंहुचे और साथ ही जिला पंचायत सीईओ ने वाटर शेड अधिकारियों एवम समितियों को सख्त निर्देश दिए ,,पूर्व मिला उत्कृष्ट कर्मचारी का खिताब, उसकी दूसरे दिन सामने आई अनियमितता का मामला सामने आने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने शुक्रवार को मामले में संज्ञान लेते हुए मनासा जनपद पंचायत के अंतर्गत चल रहे वाटरशेड कार्यों का औचक निरीक्षण किया। औचक निरीक्षण के दोरान जिला पंचायत सीईओ गुरूप्रसाद ने 4 ग्राम पंचायतों में चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत फूलपुरा में बन रहे वाटर शेड योजना अंतर्गत सीएससी केंद्र का निरीक्षण करते हुए वाटर शेड समिति को समय सीमा में कार्य पूर्ण करने, ग्राम पंचायत दांता अंतर्गत चेक डेम के कार्य पर बोर्ड बनाने हेतु निर्देशित किया गया। ग्राम पंचायत कुण्डालिया में वृक्षारोपण, गौशाला, सेग्रिगेशन शेड कार्य का निरीक्षण कर कंटूर ट्रेंस में बबलू के बीज रोपण करने पंचायत के जिम्मेदारों को निर्देशित किया ग्राम पंचायत भगोरी में अमृत सरोवर का निरीक्षण कर ट्रेंच में बबूल के बीजरोपण करने हेतु निर्देशित किया। सभी ग्राम पंचायत के में आई लव माय ग्राम पंचायत का बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए गए। औचक निरीक्षण के दौरान जनपद पद पंचायत मनासा सीईओ डीएस मशराम, सहायक यंत्री राजेश आर्य, । सब इन्जीनियर आशोक मालवीय, मौसम मेरवाडिया सहित पंचायतों के सरपंच एवं सचिव उपस्थित थे।


