जावद। जावद विधानसभा क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत स्तंभ माने जाने वाले ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. राजेश मीणा का बुधवार सुबह इंदौर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग,प्रशासनिक अमले और क्षेत्रवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। एक समर्पित चिकित्सक और जनसेवक के रूप में पहचान रखने वाले डॉ. मीणा के जाने से पूरे जिले ने अपना एक लोकप्रिय और कर्मठ अधिकारी खो दिया है। जानकारी के अनुसार करीब छह माह पूर्व इंदौर जाते समय नागदा के समीप उनकी कार भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थी। हादसे में उनकी रीढ़ की हड्डी और स्पाइन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी। दुर्घटना के बाद से वे लगातार उपचाररत थे और लंबे समय से बेड रेस्ट पर थे। पिछले दस दिनों से तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें इंदौर के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था,जहां चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद बुधवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।

कोरोना काल में निभाई अग्रिम पंक्ति के योद्धा की भूमिका
डॉ. राजेश मीणा ने लगभग 15 वर्षों तक जावद विधानसभा क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दी। उन्होंने सिंगोली, जावद, डीकेन और रतनगढ़ सहित विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाएं देते हुए हजारों मरीजों का उपचार किया। कोरोना महामारी के कठिन दौर में उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना दिन-रात कार्य कर क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को संभाला और लोगों तक समय पर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जनता के बीच थे बेहद लोकप्रिय
हंसमुख स्वभाव, सरल व्यक्तित्व और सेवा भावना के कारण डॉ. मीणा आमजन के बीच बेहद लोकप्रिय थे। वे मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और कर्तव्यनिष्ठ कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से स्वास्थ्य विभाग को अपूरणीय क्षति हुई है।
डॉ. मीणा के निधन पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सकों,सामाजिक संगठनों एवं क्षेत्रवासियों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। क्षेत्र में हर ओर उनके योगदान और सेवाभाव की चर्चा हो रही है। “एक समर्पित चिकित्सक, संवेदनशील प्रशासक और सच्चे जनसेवक को क्षेत्र ने खो दिया।”