जीरन। जल संसाधन विभाग ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जीरन तालाब के सीमांकन का सर्वे कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। पिछले लगभग 30 वर्षों से स्थानीय किसान और तालाब संरक्षक इस सीमांकन की मांग कर रहे थे, ताकि तालाब के अस्तित्व को बचाया जा सके। शनिवार, 27 जून की सुबह 10 बजे से शुरू हुआ यह महा-सर्वे रविवार और मंगलवार (30 जून) की शाम तक लगातार चला। इस तीन दिवसीय अभियान के दौरान तालाब के लगभग 190 हेक्टेयर के विशाल भू-भाग को पूरी तरह सीमांकित कर दिया गया है। पिछले 30 सालों से लंबित सीमांकन की मांग पूरी होने से अब जमीन से जुड़े आए दिन के विवादों पर पूर्णविराम लगेगा। सघन सर्वे के बाद तालाब के वास्तविक क्षेत्रफल 190 हेक्टेयर को चिन्हित कर लिया गया है। सीमांकन के बाद अब तय सीमाओं पर गहरी खाई बनाई जाएगी ताकि भविष्य में कोई अतिक्रमण न कर सके। विभाग ने साफ किया है कि वैध खाताधारक किसानों की निजी जमीन को इस कार्रवाई से कोई नुकसान नहीं होगा।
भू-माफियाओं के खेल और अवैध भराव का भंडाफोड़, जीरन तालाब का सीमांकन न होने का फायदा उठाकर कुछ रसूखदार भू-माफिया तालाब को नुकसान पहुंचा रहे थे। तालाब गहरीकरण की परमिशन लेकर डूब क्षेत्र की बेशकीमती मिट्टी को अवैध रूप से बेचा जा रहा था। हद तो तब हो गई जब कुछ कब्जाधारियों ने डूब क्षेत्र में ही लगभग 10 फीट ऊंचा भराव करके तालाब के प्राकृतिक क्षेत्रफल को ही कम कर दिया था। इस सीमांकन से अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन सी जमीन किसान की निजी है और कौन सी तालाब के डूब क्षेत्र की।
राजस्व विभाग खंगालेगा रिकॉर्ड,सीमांकन का मैदानी काम पूरा होने के बाद अब जल संसाधन विभाग, राजस्व विभाग की मदद से तालाब के आस-पास के खेतों के कागजात और रिकॉर्ड की जांच करेगा। डूब क्षेत्र में की जा रही खेती की जमीन को पूरी तरह चिन्हित करने के बाद निर्धारित सीमा पर पक्की खाई लगाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।जिम्मेदार का बयान,”तालाब का सीमांकन सफतापूर्वक कर लिया गया है। अब राजस्व विभाग की मदद से शेष कागजी और तकनीकी प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जाएगी। इसके तुरंत बाद विभाग द्वारा तालाब की सीमांकित भूमि पर खाई लगाने का काम शुरू होगा। तालाब का क्षेत्रफल लगभग 190 हेक्टेयर है जिसका सीमांकन किया गया है। हम खाताधारक किसानों को आश्वस्त करते हैं कि इस कार्रवाई से उनकी वैध निजी जमीन को कोई नुकसान नहीं होगा।”
— हिमांशु भाबोर, कार्यपालन यंत्री (जल संसाधन विभाग)


