नीमच। भ्रष्टाचारियों के गठजोड़ को ध्वस्त करने के लिए कांग्रेस नेता पंकज तिवारी ने आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर दिया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ पंकज तिवारी के इस आक्रामक अभियान में अब मध्यप्रदेश की राजनीति के सबसे बड़े क्षत्रप और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (दिग्गी राजा) खुद ढाल बनकर खड़े हो गए हैं। दिग्विजय सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए ताबड़तोड़ पोस्ट्स ने नीमच के प्रशासनिक महकमे मे हड़कंप मचाया है ।
अब कमान संभालेंगे ‘दिग्गी राजा’इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा और खौफनाक मोड़ यह है कि अगर आने वाले मंगलवार को जिला प्रशासन ने पंकज तिवारी की मांग पर तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की, तो इस पूरे आंदोलन की कमान खुद पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह अपने हाथों में ले लेंगे।
सोशल मीडिया पर दिग्विजय सिंह का बड़ा धमाका,पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर बेहद तल्ख और आक्रामक पोस्ट शेयर करते हुए नीमच के आला अधिकारियों को सीधे रडार पर ले लिया है। उन्होंने साफ चेताया है कि जनता के पैसों को लूटने वाले और रिश्वतखोरों पर अब तक पर्दा क्यों डाला जा रहा है? दिग्गी राजा ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस लड़ाई में पंकज तिवारी के साथ पूरी ताकत से खड़े हैं और प्रशासन पर उनकी पैनी नजर है।
दिग्गी राजा ने साफ कर दिया है कि इसके बाद वे खुद नीमच की जनसुनवाई में आकर बैठेंगे। राजनीति का हर जानकार जानता है कि यदि दिग्विजय सिंह किसी मुद्दे को अपने हाथ में ले लें, तो फिर बड़े से बड़े अधिकारियों को घुटने टेकने ही पड़ते हैं।
पंकज तिवारी का अंतिम प्रहार: मंगलवार को आर-पार!
इस हाई-प्रोफाइल समर्थन के बाद अब आने वाला ‘मंगलवार’ नीमच के इतिहास में बेहद ऐतिहासिक होने जा रहा है। युवा नेता पंकज तिवारी भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूतों और फाइलों के साथ एक बार फिर कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में अपनी दहाड़ मारेंगे। इस बार वे सिर्फ आवेदन देने नहीं, बल्कि प्रशासन से सीधा हिसाब मांगने जा रहे हैं। पंकज तिवारी के इस आक्रामक रुख से भ्रष्टाचारियों के सिंडिकेट में पूरी तरह भगदड़ मच चुकी है। भ्रष्टाचारियों के गठजोड़ के खिलाफ युवा कांग्रेस नेता पंकज तिवारी द्वारा छेड़े गए महा-संग्राम में अब मध्यप्रदेश की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह (दिग्गी राजा) की सीधी एंट्री हो गई है।पंकज तिवारी के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को पूर्व मुख्यमंत्री का ऐसा ताबड़तोड़ समर्थन मिला है, जिसने नीमच के प्रशासनिक गलियारों से लेकर भोपाल तक के राजनीतिक हलकों में भूचाल ला दिया है। कलेक्टर-एसपी को टैग कर दिग्विजय सिंह का सीधा अल्टीमेटमपूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर नीमच कलेक्टर (@collectorneemuch) और एसपी (@SP_Neemuch) को सीधे तौर पर तीखे सवाल दागे हैं। उन्होंने अत्यंत आक्रामक लहजे में पूछा—”यदि जनपद अध्यक्ष रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है, तो वह अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुआ? उसे पद से क्यों नहीं हटाया गया? जब सरपंच व सचिव जांच में दोषी पाए जा चुके हैं, तो पंचायत अधिनियम के तहत उन्हें अब तक अपदस्थ क्यों नहीं किया गया?
“दिग्गी राजा ने प्रशासन को दोटूक चेतावनी देते हुए कहा है कि इन ज्वलंत प्रश्नों के उत्तर अधिकारियों को देने ही होंगे, अन्यथा वे खुद जनता की आवाज बनकर नीमच की जनसुनवाई में अधिकारियों के सामने आकर बैठेंगे।
*पंकज तिवारी की आक्रामक लड़ाई से भ्रष्टाचारियों में खौफ*
नीमच जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कानूनी और जमीनी लड़ाई लड़ रहे जुझारू नेता पंकज तिवारी के तेवरों से पहले ही भ्रष्टाचारियों की नींद उड़ी हुई थी। अब दिग्विजय सिंह के इस खुला और सीधे समर्थन के बाद पंकज तिवारी का यह अभियान एक बड़े जनांदोलन में बदल चुका है।
इस समर्थन ने जहां नीमच जिला कांग्रेस में एक नई और अभूतपूर्व ऊर्जा का संचार कर दिया है।
इस हाई-प्रोफाइल राजनीतिक घटनाक्रम के बाद अब पूरे प्रदेश की नजरें नीमच के आगामी मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई पर टिक गई हैं।
आगामी मंगलवार को कांग्रेस नेता पंकज तिवारी एक बार फिर भारी लाव-लश्कर के साथ नीमच कलेक्टर कार्यालय पहुंचेंगे। चर्चाएं गर्म हैं कि यदि इस बार भी प्रशासन ने उनके द्वारा सौंपे गए भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूतों पर ठोस और दंडात्मक कार्रवाई नहीं की, तो पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह स्वयं नीमच जनसुनवाई में धावा बोलेंगे।यदि ऐसा होता है, तो यह नीमच के इतिहास में भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस का अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक हमला होगा।
अब गेंद नीमच कलेक्टर और एसपी के पाले में है। क्या प्रशासन आने वाले मंगलवार को भ्रष्टाचारियों को जेल भेजेगा, या फिर पूर्व मुख्यमंत्री के उस राजनैतिक तूफान का सामना करेगा जो नीमच के पूरे प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख देगा?


