जीरन। इतिहास और सैन्य गौरव का एक खूबसूरत संगम मंगलवार शाम को जीरन में देखने को मिला। 5 मप्र बटालियन एनसीसी मन्दसौर के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल ज्योति प्रकाश, कैप्टन जितेन्द्र कनौजिया और हवलदार विष्णु खींची जीरन के सुप्रसिद्ध किलेश्वर महादेव परिसर और पुरातात्विक धरोहर ‘पंच देवल मंदिर’ पहुँचे। ​अधिकारियों के जीरन आगमन पर स्थानीय पत्रकार राजेश लक्षकार ने गर्मजोशी से उनका अभिनंदन किया। श्री लक्षकार ने एक कुशल मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हुए सैन्य अधिकारियों को जीरन के स्वर्णिम इतिहास, किलों की प्राचीर और यहाँ की पुरातात्विक महत्ता से रूबरू कराया।
​*प्राचीन शिल्पकला देख मंत्रमुग्ध हुए सैन्य अधिकारी*
​भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने जीरन की उन धरोहरों को देखा जो सदियों का इतिहास समेटे हुए हैं। अधिकारियों ने प्राचीन किला परिसर और ऐतिहासिक उत्तरी द्वार का बारीकी से अवलोकन किया। पंच देवल मंदिर में स्थित भाना टिकैत की छतरी को देख अधिकारियों ने इतिहास के योद्धाओं को याद किया। यहाँ की अद्भुत और प्राचीन गरुड़ प्रतिमा की शिल्पकला की अधिकारियों ने विशेष सराहना की।
​अधिकारियों ने अंचल के आस्था केंद्र श्री किलेश्वर महादेव के दर्शन किए और पंच देवल मंदिर में स्थापित अलौकिक व दिव्य चतुर्मुखी शिवलिंग की पूजा-अर्चना कर देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
*प्रतीक चिन्ह भेंट कर जताया आभार*
​जीरन के प्राचीन वैभव से अभिभूत होकर कर्नल ज्योति प्रकाश और उनकी टीम ने यहाँ की विरासत की जमकर तारीफ की। इस यादगार दौरे के अंत में हवलदार विष्णु खींची द्वारा सम्मान स्वरूप प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया।
​*क्यों खास है यह खबर?*
जब देश की रक्षा करने वाले सैन्य अधिकारी हमारी प्राचीन संस्कृति और इतिहास को सम्मान देने जमीन पर उतरते हैं, तो यह न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देता है बल्कि स्थानीय नागरिकों में अपनी विरासत के प्रति गर्व की भावना को और मजबूत करता है।