दिग्गी राजा का जावद नीमच आगमन क्या कांग्रेस को देगा मजबूती,जिले की दो सीटों पर बीस सालों से सूखा झेल रही कांग्रेस को मिलेगी संजीवनी…?
जावद। कांग्रेस के कद्दावर नेता एवम पूर्व मुख्यमंत्री राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह जावद, नीमच एक दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। 29 अप्रैल शनिवार को जावद नीमच के दौरे पर रहेंगे,,इस अवसर पर जावद में पत्रकार वार्ता खिमेसरा विहार रामपुरा दरवाजा पर बी, एल, ओ, मंडलम सेक्टर पदाधिकारियों की बैठक,विधानसभा जावद क्षेत्र के सभी संगठन पदाधिकारी व कांग्रेस के कार्यक्रताओं से संवाद करेंगे। नीमच में भी पदाधिकारियों की बैठक,विधानसभा नीमच क्षेत्र के सभी संगठन पदाधिकारी व कांग्रेस के कार्यक्रताओं से संवाद करेंगे,,,
सूत्रों की माने तो मध्यप्रदेश की 60 विधानसभा की जो सीटें कमजोर दिखाई दे रही हैं। उनमें दो सीटें जावद और नीमच की विधानसभा सीटे भी कांग्रेस के लिए कमजोर मानी जा रही है, 20 सालों से कांग्रेस जावद विधानसभा और नीमच विधान सभा सीट से चुनाव में जीत दर्ज नहीं कर पाई हैं। ऐसे में माना जाए कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह कांग्रेस के कार्यकर्ताओ में जान फूकने आ रहे हैं,,खेर ये तो आने वाले विधानसभा चुनाव में ही पता चल पाएगा की दो विधानसभा सीट को मजबूत कितनी दे पाते हैं। जैसे जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे कांगेस पार्टी में दावेदारों की फौज बढ़ती ही जा रही हैं,,चुनाव हारने के बाद नेताओं ने गांव गांव के दौरे बंद कर दिए थे । जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे नेता बिल में से बाहर आ रहे है,, लेकिन संगठन और कार्यकर्ताओ को नजर अंदाज करना अब इन्हे भारी पढ़ सकता है,,,
संघ की नर्सरी कहलाता हैं नीमच मंदसौर बेल्ट
नीमच मदसौर जिला संघ की नर्सरी कहलाती हैं। और यहां विधानसभा के चुनाव में भाजपा की मजबूत स्थिति रहती हैं। बीते दिनों कांग्रेस पार्टी ने नीमच जिले के प्रभारी चंद्र शेखर शर्मा को बनाया था ,लेकिन कुछ ही दिनों बाद कांग्रेस पा
र्टी ने प्रभारी का चेहरा ही बदल दिया और इनकी जगह जिला प्रभारी श्रीमति नूरी खान को बनाया गया ,,,अब कांग्रेस पार्टी चंद्र शेखर शर्मा को हटाकर भाजपा की संघ की नर्सरी को कितना कमजोर कर पाते हैं,,ये देखने वाली बात होगी आने वाले दिनों में,,,
वही बात करें तो नीमच जिले की तीन विधानसभा सीट की तो कांग्रेस पार्टी के नेताओं को चुनाव में अपने ही पार्टी के नेताओ से ही सामना करना पड़ता हैं । कांग्रेस पार्टी से बगावत कर के एक बार चुनाव लड़ ले तो कांग्रेस पार्टी उसे आने वाले विधानसभा में कांग्रेस पार्टी उसी बागी को चुनाव में टिकट देती है,,दो विधान सभा सीट की बात करें तो यहाँ नेता ज्यादा हैं और कार्यकर्ता कम है,,,हर कोई अपने आप को विधानसभा का उम्मीदवार मानता हैं,,जमीन पर कांग्रेस को मजबूत नही किया है,,जिस दिन ये जमीन पर कांग्रेस पार्टी को मजबूत कर देंगे उस दिन इन्हे जीत मिल सकती है,,,


