मन्दसौर। जिले का गुजरबड़िया चौराहा शुक्रवार को मातम के साये में डूब गया। महज एक घंटे के भीतर हुए दो भीषण सड़क हादसों ने न केवल दो पाटीदार समाज के युवाओं की जान ले ली, बल्कि पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। ‘मौत के चौराहे’ में तब्दील हो चुके इस स्पॉट पर शनिवार को जिला पुलिस अधीक्षक (SP) विनोद मीणा खुद मोर्चा संभालने पहुंचे। एसपी के तेवर देख विभाग और रोड कंपनी के अफसरों के पसीने छूट गए।
जब अपनों को खोकर बिलख उठे कई गांव और पाटीदार समाज:-
शुक्रवार की रात गुजरबड़िया चौराहे पर काल बनकर आई। एक ही जगह पर एक घंटे के अंतराल में दो अलग-अलग हादसों ने दो परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। पाटीदार समाज के दो होनहार युवाओं की असामयिक मौत के बाद इलाके में आक्रोश और शोक की लहर है। पुलिस प्रशासन के लिए यह घटना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं थी, जिसके बाद एसपी खुद हालात का जायजा लेने जमीन पर उतरे।
SP का हंटर: रोड कंपनी की लापरवाही पर भड़के:-
घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने पहुंचे एसपी विनोद मीणा ने जब वहां के हालात देखे, तो उनका पारा चढ़ गया। सड़क निर्माण में तकनीकी खामियां और सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ती देख उन्होंने MPRDC के अधिकारियों और रोड निर्माण कंपनी को जमकर लताड़ लगाई।
अब ‘तीसरी आंख’ और ‘स्पीड ब्रेकर’ पहरा देंगे
हादसों को रोकने के लिए एसपी ने मौके पर ही ‘ऑन द स्पॉट’ फरमान जारी किए:-
👉तत्काल स्पीड ब्रेकर: चौराहे के चारों तरफ मानक स्तर के स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश।
👉डिजिटल निगरानी: सुरक्षा के लिए चौराहे पर हाई-क्वालिटी CCTV कैमरे लगाए जाएंगे।
👉संकेतक और मार्किंग: रोड लाइन्स और रेडियम संकेतक लगाने के सख्त निर्देश ताकि रात के अंधेरे में भी रास्ता स्पष्ट दिखे।
SP की भावुक अपील: “हेलमेट चालान से नहीं, मौत से बचाता है”
निरीक्षण के दौरान एसपी विनोद कुमार मीना का एक संवेदनशील रूप भी देखने को मिला। उन्होंने वहां मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों को पास बुलाकर बड़े भाई की तरह समझाया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा- हेलमेट को बोझ मत समझिए, यह आपके सिर पर रखा केवल प्लास्टिक का टुकड़ा नहीं, बल्कि आपके परिवार की खुशियों का ‘सुरक्षा कवच’ है। पुलिस का चालान तो आप भर देंगे, लेकिन जान की कीमत कोई नहीं भर पाएगा।
अधिकारी रहे मौजूद:-
एसपी के इस कड़े एक्शन के दौरान उनके साथ एसडीओपी (ग्रामीण) कीर्ति बघेल, अफजलपुर थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह कनेश, यातायात प्रभारी शैलेंद्र सिंह चौहान और एमपीआरडीसी के तकनीकी अधिकारी मौजूद रहे।
बड़ा सवाल: एसपी ने तो कड़े निर्देश दे दिए हैं, लेकिन क्या कुंभकर्णी नींद में सोई रोड निर्माण कंपनी अब जागेगी? क्या गुजरबड़िया चौराहे पर मौतों का सिलसिला थमेगा? इलाके की जनता की नजरें अब सुधार कार्यों पर टिकी हैं।


