नीमच विधानसभा चुनाव:
 कांग्रेस इन में से एक को देंगी मौका, जमीनी से जुड़े नेताओं पर रहेगी नजर
नीमच। जिले में तीन विधान सभा सीटें हैं,नीमच, जावद, मनासा विधान सभा सीटें है, जहां 2018 में भारतीय जनता पार्टी ने तीनों सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। इस बार नीमच विधान सभा सीट के परिणाम किस पार्टी के पक्ष में होंगे,यह जनता को तय करना हैं।  नीमच विधानसभा क्षेत्र में सियासत का पारा अब धीरे धीरे चढ़ने लगा हैं। यहां नेता हर वो जरिया ढूंढ रहे हैं जो उन्हें सत्ता के शीर्ष तक पहुंचा सके
जैसे/जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं । वैसे वैसे नीमच विधानसभा में उम्मीदवार भी बढ़ते ही जा रहे हैं। कांग्रेस की बात की जाए तो मिशन 2023 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी किस पर विश्वास जताएगी ये तो खेर कहना मुश्किल हैं। लेकिन फिर भी जो जमीनी स्तर से जुड़ा होगा और सक्रिय होकर पार्टी के लिए तन मन से काम कर रहा होगा पार्टी उस पर विश्वास जता सकती हैं?
बीते दिनों पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह नीमच के दौरे पर आए और कार्यकर्ता को एक जुट होने के साथ आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के लिए मजबूती के साथ काम करें ,एक जुटता का पाठ पढाया,,इस दौरान दिग्विजय सिंह तरुण बाहेती के निवास पर पंहुचे। तरुण बाहेती के निवास पर पंहुचने के बाद अब चुनावी अटकलें का दौर शुरू हो गया है और बाजार में चर्चा हैं कि राजा साहब एक जुटता करने के लिए इनके निवास पर पंहुचे थे। न की विधानसभा चुनाव के वक्त तरुण बाहेती की पैरवी के लिए,,
वही कांग्रेस की उम्मीदवारों की बात करें तो कांग्रेस के उम्मीदवारों की लंबी फोज  हैं,,,जिनमे सबसे पहले नाम आता हैं। उमराव सिंह गुर्जर का जो इनका सीधा संवाद   आम जनता से हैं। इनकी सरल स्वभाव की छवि  के कारण आम जनता में अच्छी पैठ मानी जाती हैं। तो वही दूसरा चेहरा नंदू पटेल के रूप में आता हैं। पूर्व विधायक होने के साथ साथ ही गांव गांव में मजबूत पकड़ मानी जाती हैं।
तो वही तीसरा चेहरा भानु प्रताप सिंह राठौर आ रहा हैं।
भानु प्रताप सिंह राठौर के पिता श्री कांग्रेस के लिए जमीनी स्तर के कार्यकर्ता माने जाते है, इनके पिता के संबध वरिष्ठ  नेताओं से अच्छे माने जाते है, अब ऐसे में कांग्रेस युवा नेता भानु प्रताप सिंह राठौर पर भी  दांव लगा सकती हैं ।  जानकारों की माने तो लगातार हार रही नीमच विधानसभा सीट पर कांग्रेस कैसे जीत सकती है और भाजपा क्यो जीत रही है इसको लेकर मंथन हुआ है ! इस मंथन मे मौजूदा भाजपा विधायक दिलीपसिंह के साथ पूर्व भाजपा विधायक खुमानसिंह शिवाजी की लगातार जीत पर समीक्षा हुई। है ! इसमे ये माना गया है कि शिवाजी और दिलीप सिंह परिहार  जीत के पीछे राजपूत और सौंधिया राजपुतो की एक जुटता बीजेपी के राजपुत उम्मीदवारो को जीत दिलाती है ! तभी कांग्रेस मे भी ये मंथन हुआ है कि नीमच से किसी राजपुत उम्मीदवार पर दांव लगाए तो जीत की संभावनाए बन सकती है! भानुप्रतापसिंह भी नीमच से दौड़ मे बना है !
 ,तो वही चौथा नंबर आता हैं। हरीश दुआ का जो बेदाग छवि के चलते कांग्रेस पार्टी इन पर भी विश्वास जता सकती हैं। तरुण बाहेती भी इस दौड़ में। शामिल हैं । खेर ये तो वक्त बताएगा की पार्टी किस पर विश्वास करती हैं। इन सभी में से ,,चुनाव का 6 माह ही बच्चे हैं अब