मंदसौर जिले के शामगढ़ में 7 वर्षीय बच्ची से छेड़छाड़ के मामले में कार्रवाई से असंतुष्ट परिजनों के विरोध के बाद थाना प्रभारी धर्मेंद्र शिवहरे को हटाते हुए उन्हें लाइन अटैच कर दिया गया। परिजनों ने थाना प्रभारी पर समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए बुधवार को धरना शुरू किया था,जो गुरुवार को एसपी के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हुआ।25 अप्रैल की रात शामगढ़ कस्बे में एक 7 वर्षीय बच्ची से पड़ोस में रहने वाले 17 साल के किशोर ने छेड़छाड़ की थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को पकड़कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे रतलाम के बाल सुधार गृह भेज दिया गया।धरने पर बैठा था परिवार,घटना के चार दिन बाद पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी धर्मेंद्र शिवहरे ने शिकायत दर्ज कराने के दौरान सेटलमेंट का दबाव बनाया और समझौते की बात की। इस बात से नाराज पिता ने पहले एसपी अभिषेक आनंद को ज्ञापन सौंपा, फिर बुधवार को अपनी पत्नी और बच्ची के साथ बस स्टैंड स्थित हनुमान मंदिर के सामने धरने पर बैठ गए।धरना प्रदर्शन के बाद एसपी ने गंभीरता से जांच करते हुए शामगढ़ टीआई को लाइन अटैच करने के आदेश दिए। साथ ही थाना प्रभारी का प्रभार उप निरीक्षक मनोज महाजन को सौंपा गया। वहीं, टीआई धर्मेंद्र शिवहरे ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने मामले में नियमानुसार कार्रवाई की है और वे पूरी तरह निर्दोष हैं। टीआई के हटाए जाने के बाद पीड़ित परिवार ने प्रशासन के फैसले पर संतोष जताया और गुरुवार दोपहर को धरना समाप्त कर दिया। हालांकि, पूरे घटनाक्रम ने पुलिस कार्यशैली पर सवाल जरूर खड़े किए हैं।