नीमच। प्रशासन पोर्न और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का आलम यह है की भू माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं की वे शासकीय जमीन जमीन पर कब्जा करने के साथ-साथ वहां सड़क निर्माण और बाउंड्री वाल तक बना रहे हैं इस गोरखधंधे में भू माफिया और सरकारी जमीन सरकारी कर्मचारियों ने मैं सांठगांठ स्पष्ट नजर आ रही है सरकारी भूमि होने के बाद भी भूमाफिया ने दोबारा भूमि पर कब्जा कर लिया। बता दे ग्राम पनौती में जमीनों के भाव आसमान छू रहे हैं प्रशासन की अनदेखी के कारण भूमिया पाव वह माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हे सरकारी जमीन को तो निगम रहे हैं भगवान का लुनिया काटकर पक्के रोड भी बना रहे हैं मुंह में अपनों की तूती बोल रही है प्रशासन खेल देखने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहा है इधर जनपद की छुट्टी भी कई सवालों को खड़ा कर रही है
कनावटी में सरकारी जमीन पर काट दी कॉलोनी =शासकीय भूमि पर कॉलोनी काटने का मामला ग्राम कनावटी में आया है। कनावटी स्थित सर्वे नंबर 229 है और जिसके मालिक अशोक और विमल है । इन जमीनों की जब अशोक और विमल के नाम पर रजिस्ट्री हुई है ,जिसमें जमीन को सड़क से 1 किलोमीटर दूर बताया गया है। रजिस्ट्री करीब 20 वर्ष पूर्व की है । जब जमीने के भाव कोडियों में हआ करती थी । विगत 4 से 5, साल में कनावटी की जमीने 5,हजार रुपए फीट तक हो गई हैं। याने एक बीघा जमीन 5 से 10 करोड़ रुपए तक हो गए। अब विमल और अशोक ने एक की योजना बनाई चूंकि की वर्ष 1964 के बंदोबस्त सर्वे नंबर 229 पुराने सर्वे नंबर 328/2 और 329 से बना था तो इन्होंने एक फर्जी दस्तावेज तैयार किया जिसमें सर्वे नंबर 229 में पुराने सर्वे नंबर नंबर 337 और 339 शामिल कर लिए और खुद की जमीन नीमच महू रोड पर बताने लग गए। भूमाफिया ने मौका देखकर शासकीय भूमि और आसपास की जमीनों पर कब्जा कर दीवारें खड़ी कर दी हैं। आतंक इतना हैं की आसपास का कोई भी व्यक्ति इनका विरोध करने की हिम्मत नही जुटा पा रहा हैं,,
सूत्रों का यह भी कहना हैं कि इन्हे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हैं और उनका भी इस पूरें मामले में हिस्सा हैं। इस पूरी जमीन में जो पीछे छोटे देवालय थे उन्हें भी इन लोगों ने तोड़ दिया । आशर्च यह है कि पटवारी और राजस्व निरीक्षक के सामने यह सब कुछ हो रहा हैं। लेकिन वे मुकदर्शक बने हुए हैं। इस मामले में मोड तब आया जब दो मिडियाकर्मियों ने इस मामले की जांच की । तो मालूम पड़ा कि वर्ष 1964 संवत 2022 के रिकार्ड में सर्वे नंबर 229 पुराने सर्वे नंबर 328/2 और 329 से बना हैं। वर्ष 1936=37 का ट्रेस नक्शे पर यह जमीन नीमच महू रोड से दूर होकर आगे की शासकीय जमीन हैं। पुरे मामले में करोड़ों का हेर फेर देखकर मीडियाकर्मियों ने मामले की जांच कलेक्टर के समक्ष आवेदन देकर की हैं और सीएम हेल्प लाईन में शिकायत की हैं। इसके बाद संबंधितों को प्रशासन ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया हैं


