नीमच। सरहद पर देश की रक्षा करने वाली वर्दी की धमक जब रक्षक से भक्षक बन जाए, तो जनता का भरोसा डगमगाने लगता है। मध्यप्रदेश के नीमच जिले से एक ऐसी ही शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ सावन गांव का रहने वाला एक फौजी राहुल बावरी छुट्टी पर आते ही सेवा भूलकर ‘गुंडागर्दी’ पर उतारू हो गया। आरोप है कि शराब के नशे में चूर इस फौजी और उसके गुर्गों ने सरेराह न सिर्फ लोगों को लहूलुहान किया, बल्कि उनकी गाड़ी में भी जमकर तोड़फोड़ की।
बीच सड़क बाइक अड़ाकर रोका रास्ता, फिर शुरू हुआ खूनी खेल:— जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे फरियादी अभिषेक चंदेल अपने साथियों जगदीश, दुर्गा, वकील और गोमा बंजारा के साथ ईको कार (मारुति वैन) से नीमच की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी सावनकुंड के दूरभाष केंद्र के पास पहुंची, बिना नंबर की बाइक पर सवार मुकेश बावरी और श्यामलाल बावरी ने फिल्मी अंदाज में कार के सामने गाड़ी अड़ा दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार रुकते ही फौजी राहुल बावरी और उसके साथियों ने गालियां देना शुरू कर दिया। विरोध करने पर हमलावरों ने कार के शीशे चकनाचूर कर दिए और कार सवार बंजारा समाज के लोगों को खींचकर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
इलाके में ‘बावरी गैंग’ का खौफ, ग्रामीण बोले- निकालो जुलूस:—सावन गांव और आसपास के इलाकों में बावरी समाज के कुछ युवकों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि आम राहगीरों का नीमच-मनासा मार्ग से गुजरना दूभर हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ये युवक अक्सर शराब के नशे में धुत्त होकर राह चलते लोगों से मारपीट और लूटपाट करते हैं।
— फौजी होने के रसूख के कारण राहुल बावरी का गांव में तगड़ा खौफ है।— दहशत के मारे कोई इनके खिलाफ मुंह खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। पुलिस की कार्रवाई: फौजी समेत साथियों पर केस दर्ज:— मामले की गंभीरता को देखते हुए नीमच सिटी थाना पुलिस ने तत्परता दिखाई है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर आरोपी फौजी राहुल बावरी, मुकेश बावरी और श्यामलाल बावरी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इधर, आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इन बदमाशों का सरेआम जुलूस निकाला जाए ताकि इलाके से इनकी गुंडागर्दी का खौफ खत्म हो सके।


