नीमच। मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा पर स्थित नयागांव परिवहन चेकपोस्ट इस समय भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का सबसे बड़ा ब्लैक होल बन चुका है। यहाँ परिवहन विभाग के कारिंदों और उनके पाले हुए निजी गुर्गों द्वारा वाहन चालकों से खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है। जो चालक पैसे देने में आनाकानी करता है उसे घंटों रोककर प्रताड़ित किया जाता है। सामना एक्सप्रेस की पड़ताल में सामने आया है कि यहाँ रोजाना लाखों रुपए का वारा-न्यारा खेल खेला जा रहा है जिससे विभाग के रसूखदारों की जेबें गर्म हो रही हैं।
बॉर्डर से गुजरने वाले ट्रक चालकों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि यदि गाड़ी के सारे दस्तावेज (परमिट, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र) पूरी तरह वैध हैं तब भी उन्हें जबरन रोक लिया जाता है। एंट्री के नाम पर एक तयशुदा रकम वसूली जाती है। चालकों का कहना है कि यहाँ कोई रसीद नहीं दी जाती बल्कि सीधा रूपये का दबाव बनाया जाता है।
सूत्रों के मुताबिक इस अवैध वसूली को अंजाम देने के लिए बकायदा एक सिंडिकेट काम कर रहा है। चेकपोस्ट पर सरकारी कर्मचारियों से ज्यादा रसूख उन प्राइवेट गुर्गों का है जो लाठियां लेकर गाड़ियों को रोकते हैं। ये गुर्गे अधिकारियों की शह पर चालकों को डराते-धमकाते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं।
हमारे पास सारे कागज होते हैं लेकिन नयागांव आते ही डर लगने लगता है। यहाँ नियम नहीं बल्कि एंट्री की रकम तय करती है कि गाड़ी आगे जाएगी या नहीं। विरोध करने पर मारपीट की नौबत आ जाती है। हम मालिक को क्या जवाब दें हमारी गाढ़ी कमाई ये लोग लूट रहे हैं।
— रमेश, पीड़ित ट्रक चालक (हरियाणा)