नीमच। मध्य प्रदेश में पहली बार रतलाम रेंज के तीनों जिलों रतलाम, मंदसौर और नीमच में पुलिस गश्त की लाइव मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक ‘कवच एप’ लागू किया गया है। इस नवाचार के माध्यम से डीएसपी से लेकर आरक्षक तक की लोकेशन हर 15 मिनट में ट्रैक की जा रही है, जिससे पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है। वर्तमान में रेंज के करीब 2250 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की गतिविधियों पर रियल टाइम निगरानी रखी जा रही है। रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल स्वयं प्रतिदिन इसकी मॉनिटरिंग कर गश्त की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त कर रहे हैं। कवच एप की शुरुआत अप्रैल माह में मंदसौर जिले में ट्रायल के रूप में की गई थी। सफल परीक्षण के बाद इसे रतलाम जिले में लागू किया गया और अब इस माह से नीमच जिले में भी व्यवस्था शुरू कर दी गई है। रतलाम जिले के 23 थानों के लगभग 1400 तथा मंदसौर जिले के 16 थानों के करीब 850 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी इस सिस्टम से जुड़े हुए हैं। एप के माध्यम से प्रत्येक पुलिसकर्मी की गश्त का प्रतिशत, तय की गई दूरी, निर्धारित मार्ग का पालन और अन्य गतिविधियों का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। कंट्रोल रूम में पदस्थ आरक्षक विशाल नरसिंघानी और अमित यादव प्रतिदिन जवानों एवं अधिकारियों की गश्त रिपोर्ट तैयार कर डीआईजी कार्यालय को सौंपते हैं। इस अभिनव मॉडल को पुलिस मुख्यालय भोपाल भी भेजा गया है, ताकि भविष्य में प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसे लागू करने पर विचार किया जा सके। डीआईजी निमिष अग्रवाल ने बताया कि कवच एप के माध्यम से शहर के प्रमुख क्षेत्रों, राष्ट्रीय राजमार्गों, आठ लेन मार्गों और संवेदनशील ग्रामीण इलाकों में पुलिस की उपस्थिति सुनिश्चित हो रही है। किसी भी घटना की स्थिति में निकटतम पुलिस बल की लोकेशन तत्काल उपलब्ध हो जाती है, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव हो रही है।
मुख्य बिंदु
मध्य प्रदेश में पहली बार रतलाम रेंज में लागू हुआ कवच एप।- रतलाम, मंदसौर और नीमच के 2250 पुलिसकर्मी सिस्टम से जुड़े।
– हर 15 मिनट में ट्रैक हो रही पुलिस अधिकारियों की लोकेशन।
– डीआईजी स्वयं कर रहे हैं प्रतिदिन मॉनिटरिंग।
– पीएचक्यू भोपाल को भेजा गया मॉडल, पूरे प्रदेश में लागू होने की संभावना।


