नीमच। मनासा से प्रारंभ होकर प्रतिदिन नीमच से सुबह 9 बजे उदयपुर के लिये चलने वाली जयमाला बस का संचालन यातायात नियमों के विपरीत धडल्ले से हो रहा है। हर दिन जयमाला बस में सवारी ठसाठस भरी हुई रहती है। जिससे भविष्य में कभी भी दुर्घटना हो सकती है। बस में यात्रियों के साथ आये दिन अन्याय होता है अभद्र व्यवहार होते देखा जा सकता र्है यहां तक कि कंडक्टर व चेकर के बीच रोजाना मां बहन की गंदी गंदी गालिया यात्रियों को सुनने को मिलती है। ठसाठस बस भरी होने के बाद भी यात्रियों को जबरन बैठाकर उन्हें खडे खडे ले जाया जाता है। सप्ताह में 1-2 दिन को छोड़ दे तो यहां अधिकतर करीब 75 से 80 सवारियां ठूंस ठूंस कर बस में बैठाकर ले जाई जाती है। यह बस हमेंशा ठसाठस भरी हुई जाती है। सप्ताह में एक दो दिन को छोड़ दे तो हर दिन इस बस में सवारी 75 से उपर ही रहती है। जबकि बैठने की सीट 50 के लगभग होती है। आरटीओ विभाग भी आंखू मूुंदे बैठा है । ठसाठस बस भरी होने के बाद भाई कंडक्टर द्वारा बस में उदयपुर जाने वाली सवारियों को नीमच से यह बोलकर बिठाया जाता है सीट पर बिठाउंगा। यात्री भी कंडक्टर की बातों में आकर बैठ जाता है जिसका कंडक्टर द्वारा टिकिट ले लिया जाता है उसके बाद यात्री द्वारा सीटों की मांग की जाती है तो कंडक्टर जो सवारियां निम्बाहेड़ा, के अलावा डोरिया, निकुंभ, आदि आसपास क्षेत्रों की बैठी रहती है उन्हें जबरन उठाकर उस पर बिठाता है वहीं कुछ और जो बच जाते है उन्हें स्टूल पर बिठा देता है और अधिकतर को खडे खड़े ही सफर करना पडता है। कंडक्टर के हालात यह रहते है कि कंडक्टर चेकर से हमेंशा मा बहन की गंदी गंदी गालिया देकर लड़ाई करता है और तो और यात्रियों से भी कंडक्टर का स्वभाव सहीं नहीं रहता और वह यात्रियों के साथ अशोभनीय भाषा का उपयोग करता है। हालात ये होते है कि यदि कोई सवारी नयागांव, डोरिया, रानीखेड़ा बायपास, निकुंभ की होती है तो जगह होने पर भी उन्हें जगह नहीं दी जाती है और उदयपुर की सवारी के लिये सीट रोकी जाती है। उदयपुर की सवारी नहीं होने के बाद भी आसपास की सवारियों को सीट होने के बाद भी बैठने की नहीं कहा जाता है। वहीं लगेज भी बड़ी संख्या में उदयपुर के जाया जाता है। नीमच क्षेत्र के पीडित यात्रियों ने जानकारी देते हुए बताया कि आरटीओं विभाग को भी इस वाहन में अनियमितताएं होने की जानकारी पता होने के बाद भी इसकी चेकिंग नहीं की जाती है। जिससे इस बस के संचालनकर्ताओं के हौंसले बुलंद है।


