नीमच।बगैर लाइसेंस ब्याज का धंधा करने वाले लोगों के खिलाफ अब पुलिस-प्रशासन सख्ती करने का निर्णय लिया है। हालांकि अवैध सूदखोरी करने वालों की जानकारी फिलहाल पुलिस के पास नहीं हैं। इसलिए पुलिस समस्या से निपटने के लिए शिकायत को आधार बनाएगी जिसमें ब्याज पर पैसा देकर लोन वसूली करने वाले ब्याज खोरों के खिलाफ नीमच पुलिस ने अभियान शुरू किया है। नीमच जिलें के विभिन्न क्षेत्रों से सूदखोरों द्वारा अवैध ब्याज वसूली, डराने धमकाने की शिकायते प्राप्त हो रही है, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित हो रही है। उत्क्तः घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक नीमच अंकित जायसवाल द्वारा सूदखोरो के चंगुल से किसानों, व्यापारियों, आम नागरिकों को निजात दिलाने के लिए अभियान-मुक्ति प्रारंभ किया गया है।किसी भी आमजन को कोई सूदखोर, प्रभावी व्यक्ति ब्याजखोर, अवैध वसूली कर्ता परेशान प्रताड़ित करता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस कन्ट्रोल रूम नीमच 07423-228000/ 7049101042 पर अथवा किसी भी थाना क्षेत्र एवं अनुविभागीय पुलिस कार्यालयों में शिकायत कर सकते है, जिसपर त्वरित कार्यवार्ह सुनिश्चित की जावेगीं।
फल फूल रहा ब्याज पर पैसे देने के मामले
जिले में ब्याज का धंधा बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा है। यहां सूदखोर लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर डायरी सिस्टम व 10 से 20 प्रतिशत तक का ब्याज वसूल कर रहे हैं। इसके लिए वे बाकायदा रुपए उधार लेने वाले से चेक व प्रामेसरी नोट बना लेते हैं। इसके आधार पर ब्याज नहीं भरने की स्थिति में कानून का फायदा उठाकर संबंधित को परेशान करते हैं।
शिकायत मिलने पर करेंगे कार्रवाई
इस कारण व्यापारी या युवा फंसते हैं चंगुल में
छोटे व्यापारी दस्तावेज से मजबूत नहीं होते, इसके चलते बैंक उन्हें लोन नहीं देती। यदि दस्तावेज पूरे भी हों तो बैंक की कागजी कार्रवाई लंबी होने से व्यापारी ब्याजखोरों के चंगुल में फंस जाते हैं। युवा वर्ग महंगे शौक या फिर जुएं-सट्टे की लत के चलते फंस जाते हैं। इसके बाद परिजन इज्जत बचाने के लिए मनचाहा ब्याज भरते हैं। इस शोषण के खिलाफ कोई भी खुलकर नहीं बोलता।
ऐसे समझें डायरी का गणित
किसी छोटे व्यापारी ने रुपयों की जरूरत पर 1 लाख रुपए लिए। इस पर संबंधित उस व्यापारी से रुपए लौटाने की समय सीमा पूछकर उतने समय का पांच रुपए सैकड़ा का ब्याज जोड़कर किस्त बना देगा। इसके बाद वह ब्याजखोर या उसका कर्मचारी रोज संबंधित व्यापारी के पास जाकर निर्धारित राशि ले लेगा। यदि व्यापारी राशि लौटा नहीं पाता तो उस पर रोज के मान से पेनाल्टी लगाई जाती है जो ब्याज से अलग होती है।


