नीमच। सरकार जनता को निशुल्क इलाज की सुविधा दिलाने का प्रयास कर रही है, लेकिन नौकरशाहों की लापरवाही जिला अस्पताला में भारी पड़ रही है। काया कल्प अभियान के तहत शनिवार को जिला असपताल का निरीक्षण करने आई तीन सदस्यीय टीम ने यहा देखा कि मरीजों को दी जाने वाली खिचड़ी में पानी अधिक मिलाया जा रहा है। वहीं आपदा से निपटने के मामले में यहां का स्टाप अलर्ट एवं दक्ष नहीं है। जिस पर टीम ने नाराजगी जताई और सुधार के निर्देश दिए हैं। बताया जाता है कि जिला अस्पताल द्वारा कायाकल्प के फाइनल निरीक्षण के लिए मापदंडों के आधार पर तैयारियां की गई थी। जिला अस्पताल नीमच श्रेष्ठ रेंकिंग पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, इसके बावजूद कुछ कमियां पाई गई है। देखना दिलचस्प होगा कि कायाकल्प के निर्धारित मापदंडों पर जिला अस्पताल कितने नंबर हासिल कर पाता है। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद, सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र पाटील, डॉ. संगीता भारती सहित अस्पताल का अन्य स्टाफ भी उपस्थित था।
बिंदुवार किया निरीक्षण
उल्लेखनीय है कि शासकीय जिला चिकित्सालय में कायाकल्प अभियान के तहत राज्य स्तरीय तीन सदस्यीय टीम ने शनिवार को पहुंची। इस निरीक्षण टीम में डॉक्टर माधव प्रसाद हासानी (उप-संचालक इंदौर), डॉ. पवन पाटीदार (इंदौर) और डॉ. भारती गहलोत (रतलाम) शामिल थे। अस्पताल पहुंचने के बाद इस टीम ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का बिंदुवार निरीक्षण किया। जिसमें ट्रामा सेंटर, डॉक्टर कक्ष, वार्ड परिसर, डिलीवरी वार्ड, इमरजेंसी और नर्स ड्यूटी कक्ष शामिल थे।
अग्निशमन यंत्र चलाने में दक्ष नही स्टाफ
निरीक्षण के दौरान टीम ने देखा कि अस्पताल में मरीजों को दी जाने वाली खिचड़ी में अधिक पानी मिलाया जा रहा है। जिस पर टीम ने नाराजगी व्यक्त की। इसके अलावा, नर्सिंग स्टाफ अग्निशमन यंत्र के उचित संचालन की जानकारी नहीं दे पाया। आग लगने की स्थिति से निपटने में स्टाफ के दक्ष नहीं होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई और उचित निर्देश दिए।
यह हालात भी देखे
कायाकल्प अभियान के तहत आई इस टीम ने अस्पताल में चहुंओर स्वच्छता, नालियों की सफाई, भवन का रखरखाव, अपशिष्ट प्रबंधन, बायोमेडिकल वेस्ट का निपटान और संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था का भी मूल्यांकन किया।
इनकी सराहना, इन्हे दिए सुझाव
टीम के वरिष्ठ सदस्य माधव प्रसाद हसानी ने बताया कि हमारे द्वारा संक्रमण नियंत्रण की व्यवस्था, बायों केमिकल वेस्ट के उचित प्रबंधन, अस्पताल और उसके आसपास की सफाई व्यवस्था, भवन के उचित रखरखाव, अपशिष्ट पदार्थों की निकासी, प्रसूति कक्ष, स्टाफ की दक्षता और अन्य तमाम व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया गया। जहां बेहतर कार्य है, उसकी सराहना की गई और कमी दिखने पर सुझाव दिए गए।


