*(✍️राकेश मालवीय, मालवा)*
नीमच। गर्मी की शुरूआत के साथ ही मिट्टी माफिया जिले में सक्रिय हो चुके है। जिले के विभिन्न हिस्सों में मिट्टी की कालाबाजारी से मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है और इस मुनाफे का कुछ हिस्सा पटवारी से लगाकर नायाब तहसीलदार और तहसीलदार तक पहुंच रहा है। जिले में ऐसे कई हिस्से है, जहां गर्मियों के दिनों में तालाब, खेत, तलैया और बांध से मिट्टी निकालकर उन्हें खोखला किया जा रहा है। ऐसे ही कुछ क्षेत्र है जो चर्चित है।
रतनगढ़ – सिंगोली के बीच बाणदा बांध की जगह को शासन के नुमाइंदों ने कागजों में तो अधिग्रहण कर लिया है, लेकिन उस जगह और खेतों को लूट के लिए खुला छोड़ दिया है।
दरअसल, आदिवासी क्षेत्र बाणदा में करीब 55 करोड़ की लागत से बांध बनना है। लंबे समय से यहां बांध बनाने की मांग उठाई जा रही थी। अब इस बांध के बनने से पहले ही भ्रष्टाचार और लूट – खसोट का खेल शुरू हो चुका है। मिट्टी माफिया इस जगह को खोखला करने में लगे है। 9 जेसीबी, 20 डंपर के जरिए मिट्टी निकाल कर बेची जा रही है। अब तक करीब 2000 से ज्यादा डंपर बेच चुके है। मिट्टी बोरदिया, मानपुर, हाथीपुरा, उमर, अथवाकलां सहित राजस्थान के विभिन्न गांवों में बेची जा रही है। जमीन की सीना छलनी कर मिट्टी निकालने से लेकर उसे बेचने तक में उमर के सरपंच, प्रकाश और अर्जुन सहित 5 लोगों की भूमिका शामिल है। इनमें से एक तो कुख्यात तस्कर पप्पू धाकड़ का भाई है। यह पूरा सिंडिकेट दागी पटवारी बालकृष्ण और नायाब तहसीलदार की देखरेख में फलफूल रहा है!
*करोड़ो रुपए की मिट्टी बेच दी-*
वर्तमान में 9 जेसीबी और 20 डंपर के जरिए मिट्टी निकाली जा रही है और यह सिलसिला पिछले एक महीने से जारी है। अब तक करीब 2000 डंपर मिट्टी बेच दी गई है। दूरी के अनुसार 6000, 9000 और 12000 रुपए एक डंपर का मूल्य निर्धारित है। यदि कम से 6 हजार रुपए से 2000 डंपर को बेचने का अनुमान लगाया जाए तो यह राशि 1 करोड़ से अधिक हो रही है।
*सिंडिकेट मेम्बर बालकृष्ण उर्फ डॉन और बालकृष्ण की मदद से हो रहा खेल -*
विश्वसनीय सूत्र बता रहे कि उच्च अधिकारियों को गुमराह कर पटवारी बालकृष्ण उर्फ डॉन और नायाब तहसीलदार इस सिंडिकेट को मिट्टी निकालने से लेकर बेचने तक में पूरी मदद कर रहे है!
*बांध बनने से पहले ही हो रहा खोखला -*
करीब 55 करोड़ की लागत से बनने वाले इस बांध को बनने से पहले मिट्टी निकालकर खोखला किया जा रहा है!, इसकी नींव को कमजोर किया जा रहा है! ऐसे में यह बांध कितने दिन पानी सहेज पाएगा? इसका अंदाजा लगाया जा सकता है!
*यहां भी हो रही मिट्टी चोरी -*
बाणदा की तरह ही जावद के गांव खोर में स्थित सीमेंट फैक्ट्री और उसके आसपास से मिट्टी चोरी की जा रही। विदित हो कि मिट्टी चोरी के मामले में यहां पूर्व में दो बाहुबलियों के सिर फूट चुके है! अब फिर से वही लोग मिट्टी चोरी करने में लगे है!


