मनासा । राजनीति में कुछ नाम पद से नहीं, बल्कि अपने संघर्ष और काम से पहचान बनाते हैं। ऐसा ही एक नाम है चंद्रशेखर पालीवाल का है। जिन्होंने हमेशा जमीनी स्तर पर रहकर आमजन और किसानों की लड़ाई को अपनी प्राथमिकता बनाया। पालीवाल उन नेताओं में गिने जाते हैं। जो यह नहीं देखते कि सामने वाला किस दल या विचारधारा का है। अगर कोई व्यक्ति अपने हक के लिए लड़ रहा है, तो पालीवाल उसके साथ खड़े नजर आते हैं। यही वजह है कि क्षेत्र में उनकी पहचान एक जनसेवक नेता के रूप में बनी।
पद नहीं, जिम्मेदारी निभाना सीखा

कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रहते हुए चंद्रशेखर पालीवाल ने कभी भी पद की लालसा में पार्टी को नुकसान नहीं पहुंचाया। पार्टी ने जो भी जिम्मेदारी दी, उसे उन्होंने पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाया।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर
पालीवाल का सियासी सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। जहां उन्होंने युवाओं के मुद्दों को उठाया। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली । यूथ कांग्रेस में ब्लॉक अध्यक्ष जिला कांग्रेस में कार्यवाहक अध्यक्ष
मनासा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष
मंडी संचालक के रूप में भी जिम्मेदारी
हर पद पर उन्होंने संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को जोड़ने का काम किया।
हर संघर्ष में आगे, हर आवाज के साथ
पालीवाल का नाम उन नेताओं में शामिल है, जो सिर्फ मंच से नहीं बल्कि मैदान में उतरकर संघर्ष करते हैं। किसानों की समस्याएं हों, आमजन की परेशानी या क्षेत्रीय मुद्दे—हर लड़ाई में उनका सक्रिय योगदान रहा।
. कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़
संगठन में उनकी स्वीकार्यता का सबसे बड़ा कारण यह है कि उन्होंने हमेशा कार्यकर्ताओं को साथ लेकर काम किया। यही कारण है कि आज भी कार्यकर्ता उन्हें एक मजबूत, भरोसेमंद और संघर्षशील नेता के रूप में देखते हैं। चंद्रशेखर पालीवाल एक ऐसा नाम जो पद से नहीं बल्कि संघर्ष, समर्पण और भरोसे से बना है। इसी समर्पण और ईमानदारी को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उन्हें वरिष्ठजनों की सहमति से बड़नगर विधानसभा का प्रभारी बनाया है। उन्हें संगठन में काम करने का काफी अनुभव है। इसका लाभ बड़नगर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मिलेगा।
.ग्रामीण परिवेश से आते है , वे समझते है अन्नदाताओं का दर्द और कार्यकर्ताओं को सम्मान देना
पालीवाल मूलतः गांव पिपलियारावजी के निवासी है। वे ग्रामीण परिवेश में पले बढ़े है। गांव की सोंधी मिट्टी से संघर्ष क्या होता है, किसानों का दर्द क्या होता है, और युवाओं के साथ वरिष्ठों के मार्गदर्शन में किस तरह से काम करना है ये गुण उन्हें परिवार से विरासत में मिले है। उनकी सबसे खास बात है कि कितना ही बड़ा नुकसान उनके विरोधी पहुंचा दे लेकिन उसका जवाब कभी भी नुकसानी के रूप में नहीं दिया। बल्कि उसके दुख में वे हमेशा खड़े नजर आए। शांत स्वभाव और गंभीरता उनके स्वभाव में कूट कूट कर भरी हुई है।