नीमच। पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन एवं उनके 72 साथियों की शहादत की याद में मुस्लिम समाजजनों ने मोहर्रम मनाया गया। नीमच कैंट छावनी,बघाना में 26 जुन को मातमी धुनों पर ताजियों का कारवां निकाला गया। उक्त जानकारी देते हुए अखाड़ा के उस्ताद मुन्ना सम्राट,अबरार भाई उर्फ ओबरी उस्ताद,पार्षद इकबाल कुरैशी ने संयुक्त रूप से बताया की मोहर्रम माह के चलते नीमच शहर में 60 के करीब छोटे,बड़े ताजियें अखाड़ों के साथ निकले गए। जो की सुबह 8:00 बजे पटेल चाल,फ्रूट मंडी,टैगोरमार्ग,फोर-जीरो,पुस्तक बाजार जाजू बिल्डिंग,नया बाजार घंटाघर होते हुए अपने -अपने मुकाम पर पहुंचें जहां अकीदतमंदों ने फुल,इत्र,लोबान,नारियल से मन्नत धारियों ने ताजियों के आगे लोट लगाकर अपनी मन्नत उतारी जिसमें हिंदू मुस्लिम समाज के लोग शामिल थे। बैंड की मातमी धुनों पर कलाकार हाजी अकरम उमर,अन्य ने हैदर के चरणों का धौवन अमृत से अनमोल हैदर कलंदर बोल रे बोल.. अस्सलाम या हुसैन अस्सलाम.. या हुसैन इब्ने हैदर पे लाखों सलाम याने शब्बीर ओर शब्बर पे लाखों सलाम.. आल ने तेरी इस्लाम जिंदा किया फातमा तेरे सब घर पे लाखों सलाम.. खुदा की राह में सब कुछ लुटा दिया तूमने हुसैन मर के भी जीना सिखा दिया तुमने..कतले हुसैन अस्र में मरके यजीद है इस्लाम जिंदा होता है हर कर्बला के बाद.. रग-रग में अली का खून रवा आंखों में अली का रेहबर है..ए सरवर..आंखों में आंसू लब पर या हुसैन या हुसैन.. हुसैन आपको हिंदुस्तान बुलाता है..आदि मातमी सदाएं गूंज रही थी। योमे आशूरा यानी मोहर्रम शुक्रवार को मनाया गया। मोहर्रम का इस्लाम धर्म में विश्वास करने वाले लोगों का एक प्रमुख शहादत पर्व है। मोहर्रम एक महीना है,जिसमें 10 दिन इमाम हुसैन का शौक मनाया जाता हैं। इसी महीने में मुसलमानों के पैगंबर सा.हजरत मोहम्मद सा. मुस्तफा सल्लल्लाहों अलैह व आलही वसल्लम ने पवित्र मक्का से पवित्र मक्का मदीना से जियारत की थी। कई लोग इस माह में पहले 10 दिनों के रोजे रखते थे। जो लोग 10 दिनों के रोजे नहीं रख पाते है वह चांद की 9 और 10 तारीख के रोजे रखते हैं। ज्ञात रहे की कर्बला के शहीदों ने अपना त्याग कर इस्लाम धर्म को नया जीवन प्रदान किया इस अवसर पर जगह-जगह पर शरबत,हलीम,तबर्रुक का वितरण किया गया। मुस्लिम समाज द्वारा ताजियें दोपहर करीब 2:00 बजे शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए अपने -अपने मुकाम इमामबाड़ा पहुंचे। और शाम करीब 4:00 बजे ताजियें अपने मुकाम से उठकर प्रमुख मार्गो से होते हुए टैगोर मार्ग पर एक स्थान पर एकत्र हुए ताजियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में चित्तौड़गढ़, निंबाहेड़ा,नयागांव,जावद, सहित आसपास आदि जगह से लोग पहुंचे। ताजियें निकालनें का सिलसिला देर रात शुरू हुआ,झांझरवाड़ा स्थित कर्बला में ठंडे होने रवाना हुए प्रमुख रूप से अड्डे,बड़ी मंडी इब्राहिम,कालीगिरी अखाड़ा,अब्बासियो,बोहरों,रिसाला दरगाह सहित अन्य स्थानों के ताजिये शामिल रहे। ताजियो के साथ कई अखाड़े भी प्रमुख रूप से शामिल हुए। जिला व पुलिस प्रशासन अलर्ट रहे तथा अधिकारी बल के साथ सतत् भ्रमण कर रहे थे। तथा संवेदनशील स्थानों पर सीसी.टीवी कैमरे से निगाह बनाए हुए थे ।
नीमच सिटी में आज निकलेगें ताजियें,नीमच नीमच सिटी में भी मोहर्रम माह के चलते ताजियें निकाले जाएंगे । सिटी मे आज शनिवार को 20 के करीब छोटे बड़े ताजियें पैगम्बर मोहम्मद सा.(स.अ) के नवासे हजरत इमाम हुसैन की याद में ताजियों का जुलूस उत्साह के साथ अपने-अपने मुकाम से निकलेगा तथा शाम को 5:00 बजें ताजियें अपने मुकाम से उठकर सिटी के नया बाजार से होते हुए रात को ठंडे होगें ।


