नीमच। बुधवार का दिन शहर के इतिहास में संवेदनाओं, संस्कारों और सामाजिक समरसता का स्वर्णिम अध्याय बन गया। श्री रानी सती दादीधाम मंदिर ट्रस्ट बघाना,अन्नपूर्णा सेवा न्यास एवं नानी बाई मायरा उत्सव समिति के के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सत्य सनातन सामूहिक विवाह सम्मेलन में 31 जरूरतमंद कन्याओं का विवाह पूरे वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन ने न केवल बेटियों को नया जीवन दिया, बल्कि समाज में एकता और सेवा का अद्भुत संदेश भी प्रसारित किया।
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक कैलाश धानुका और सुनील धानुका के नेतृत्व में पूरे आयोजन को भव्यता प्रदान की गई। उनके साथ राकेश पप्पू जैन,विवेक जैन,अमित गोयल, प्रकाश मंडोवरिया,मोहन सिंह राणावत,शकुंतला देवी धानुका,निशा धानुका सहित पूरी टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजन के दौरान हर व्यक्ति सेवा और समर्पण की भावना से जुड़ा नजर आया।
महेश्वरी भवन से निकली भव्य बारात ने पूरे शहर को उत्सवमय कर दिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते परिजन, आकर्षक बग्घियों में सजे दूल्हे और फूलों से सजी दुल्हनें—हर दृश्य मन मोह लेने वाला था। शहरवासियों ने जगह-जगह बारात का स्वागत कर इस आयोजन को और भी यादगार बना दिया। मंदिर परिसर में सजे भव्य मंडप में पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ विवाह की सभी रस्में सम्पन्न हुई। तोरण मारने से लेकर वरमाला और वैदिक मंत्रोचार के बीच सात फेरों तक हर पल भारतीय संस्कृति की गरिमा को दर्शा रहा था। पंडित शास्त्री के सानिध्य में 31 पंडितों द्वारा विवाह सम्पन्न कराए गए। आशीर्वाद समारोह में सांसद सुधीर गुप्ता,विधायक दिलीप सिंह परिहार,कांग्रेस जिलाध्यक्ष तरुण बाहेती सहित कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया गया। पूरे आयोजन के दौरान भजनों की मधुर धुनों और खुशियों की गूंज ने माहौल को भावुक और आनंदमय बना दिया।
दानदाताओं का सराहनीय योगदान
इस सामूहिक विवाह में दानदाताओं ने नवविवाहित जोड़ों को उपहार स्वरूप सोने-चांदी के आभूषण,कपड़े,घरेलू उपयोग की सामग्री जैसे पंखा,कूलर,एलईडी टीवी,बर्तन, सिलाई मशीन,पलंग,गद्दे सहित अन्य आवश्यक वस्तुएं भेंट कीं। साथ ही प्रत्येक जोड़े को आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
भावुक विदाई के साथ नया जीवन शुरू
जब विदाई का समय आया,तो माहौल भावुक हो उठा। परिवारजनों और उपस्थित लोगों की आंखें नम थीं,लेकिन हर बेटी के चेहरे पर नए जीवन की खुशी साफ झलक रही थी। यह आयोजन समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया, जिसमें सेवा, सहयोग और संस्कारों का सुंदर संगम देखने को मिला।
समापन:
इस ऐतिहासिक आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब समाज एक परिवार बनकर आगे बढ़ता है, तो हर बेटी को सम्मान और खुशियों से भरा नया आशियाना मिल सकता है।