चीताखेडा- स्थानीय गांव के मध्य स्थित नीम चौक में परम पूज्य गुरुवर्या मोक्ष ज्योति श्री जी म.सा.आदी ठाणा 4की पावन निश्रा में तीन दिवसीय ध्वजा महोत्सव कार्यक्रम में श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय के शिखर कलश पर हर वर्ष की भांति इस बार भी गुरुवार को वार्षिक ध्वजा रोहण कार्यक्रम पूरी सादगीपूर्ण माहौल में डीजे ढोल ढमाकों के साथ विधि-विधान पूर्वक थाली और डंका की स्वर लहरियों के साथ अष्ट प्रकारी पूजा अर्चना आरती कर ध्वजा रोहण लाभार्थी परिवार द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रातः 10बजे डीजे ढोल ढमाकों के साथ नीम चौक से ध्वज की शौभायात्रा प्रारंभ हुई जो जैन गली,बस स्टैंड,जैन दादावाड़ी,सदर बाजार से परिभ्रमण करती हुई श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय पहुंची।जैन श्री संघ श्वेताम्बर जिनालय ट्रस्ट के तत्वावधान में श्री मुनि सुव्रत स्वामी जिनालय पर शिखर कलश पर धर्म ध्वजा के लाभार्थी कारुलाल झातरिया,पारस जैन (बोहरा) परिवार चीताखेडा के द्वारा धर्म ध्वजा चढ़ाई गई। सर्वप्रथम श्रीमुनिसुव्रत स्वामी जिनालय पर श्री कारुलाल झातरिया के द्वारा पूरी विधि-विधान पूर्वक पूजा पढ़ाई गई, तत्पश्यात शुभ मुहूर्त में धर्म ध्वजा कार्यक्रम के प्रति सामाजिक आस्था समर्पण और त्याग का प्रतिक अजित चौरड़िया द्वारा मुलनायक भगवान श्री मुनि सुव्रत स्वामी की प्रतिमा को चांदी का छत्र चढ़ाया गया।दिलीप गोदावत, मनसुख जैन नरेश चौरड़िया, नवीन चौरड़िया,दिलीप झातरिया, मुकेश बोहरा, सुभाष बोहरा, सरपंच श्रीमती मंजू जैन, अशोक कोठारी सहित जैन समुदाय के श्रावक- श्राविकाएं बड़ी संख्या में मौजूद थे। अजित चौरड़िया ने कहा है कि ध्वजा में लाल रंग, सफेद रंग मानव कल्याण का प्रतिक है। सफेद रंग अरिहंत भगवान मूलनायक तथा लाल रंग सिद्ध भगवान की प्रतिमा का प्रतिक है।रोज ध्वजा के दिव्य दर्शन करने से पूरा दिन मंगल मय बन जाता है। जीवन में उन्नति और सुख समृद्धि होती है। शुक्रवार को गुरु पुष्य नक्षत्र में ज्ञान वृद्धि हेतु आराधना भवन में मां सरस्वती की आराधना पाठशाला के बच्चों एवं समाज जनों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। जिसमें जैन श्रावक -श्राविकाओं आराधिकाओं द्वारा वासक्षेप, पुष्प,धुप,दिपक,अक्षत, नैवेद्य, फलों द्वारा आराधना की गई। जिसमें पूजा में बैठने वाले सभी गुरु पुष्य नक्षत्र में आराधकों को ज्ञान वृद्धि हेतु मां सरस्वती का यंत्र ,मंत्र दिया गया। नवरत्न हेम भव्य पाठशाला में अध्ययनरत बच्चों द्वारा कई नियम लिए गए जिसमें रात्रि भोजन का त्याग, भोजन करते समय टीवी और मोबाइल नहीं देखना, बड़े बुजुर्गों के चरण स्पर्श करना, जमीन कंद का त्याग और प्रभु दर्शन आदि लिए गए। शनिवार को शनि ग्रह दोष मुक्ति हेतु मन की शांति के लिए शनि ग्रह के देवता श्री मुनीसुव्रत स्वामी भगवान का दूध ,दही, गुलाब जल, केशर जल, सर्व औषधी आदि सामग्री से प्रभु का अभिषेक पुष्प वृष्टि के साथ किया गया। कार्यक्रम के अंत में जिनालय पर तीन दिवसीय कार्यक्रम में श्री संघ की तरफ से प्रभावना वितरण की गई।