जिस उम्र में उनके ज्यादातर साथी कॉलेज में एडमिशन की तलाश में हैं,मध्यप्रदेश के मुरैना की 19 साल की नंदिनी अग्रवाल ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा मान्यता प्राप्त दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बनकर एक असाधारण उपलब्धि हासिल की.नंदिनी अग्रवाल हमेशा एक मेहनती छात्रा रही हैं और इसी वजह से उन्हें स्कूल की दो क्लास छोड़ने का मौका मिला.परिणामस्वरूप,उन्होंने 13 साल की उम्र में 10वीं की बोर्ड परीक्षा और 15 साल की उम्र में 12वीं की बोर्ड परीक्षा पूरी की.उनके स्कूल में आए एक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर से मोटिवेट होकर नंदिनी ने खुद कुछ अलग हासिल करने की इच्छा जताई.उन्होंने सबसे कम उम्र में सीए बनने का टारगेट रखा था.2021 में 19 साल की उम्र में नंदिनी अग्रवाल ने सीए फाइनल परीक्षा में 800 में से 614 (76.75%) नंबर के साथ ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की.जब उनका रिजल्ट घोषित किया गया तब वह ठीक 19 साल और 330 दिन की थीं, जिससे उन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला चार्टर्ड अकाउंटेंट का खिताब मिला.जब उनका रिजल्ट घोषित किया गया। नंदिनी के बड़े भाई ने उनकी ने अहम भूमिका निभाई

. चूंकि वह सीए परीक्षा की तैयारी भी कर रहे थे,उन्होंने उनके सामने आने वाली चुनौतियों को समझा और गाइड किया.जहां नंदिनी ने फाइनल मेरिट लिस्ट में पहला स्थान हासिल किया,वहीं उनके भाई ने उसी परीक्षा में 18वां स्थान हासिल किया। नंदिनी का सफर आसान नहीं रहा.जब वह 16 साल की थीं तो उनकी कम उम्र की वजह से कई कंपनियों ने उन्हें सीखने के लिए काम (अप्रेंटिसशिप) देने में हिचकिचाहट दिखाई.इन मुश्किलों के बावजूद, उनकी कभी न खत्म होने वाली लगन और कड़ी मेहनत ने उन्हें इन बाधाओं को पार करने और अपने लक्ष्यों को हासिल करने में मदद की.उनकी कहानी देश भर के अनगिनत युवाओं को प्रेरित करती है जो बड़ी ऊंचाइयों तक पहुंचना चाहते हैं. यह साबित करती है कि समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ, बड़ी से बड़ी चुनौतियों को भी पार किया जा सकता है.