नीमच। जिले में आईपीएल सीजन शुरू होते ही अवैध सट्टेबाजी का कारोबार एक बार फिर तेजी से फैलता नजर आ रहा है। मोबाइल एप, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए संचालित यह नेटवर्क अब युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है। आसान कमाई का लालच देकर शुरू होने वाला यह खेल कई युवाओं को आर्थिक संकट, कर्ज और मानसिक तनाव की ओर धकेल रहा है। सूत्रों के अनुसार शहर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय सट्टा नेटवर्क में कई नाम चर्चाओं में बताए जा रहे हैं। इनमें पवन,मनीष,आकाश, प्रियांशु, कमलेश, ब्रजेश, सुमित, बिट्टू, नंदन,टोनी, मोंटू,विनोद, बंटी,रितिक और सौरभ मित्तल जैसे नाम स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। क्षेत्र में इनके कथित नेटवर्क और गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। जानकारी के अनुसार सट्टा गिरोह मैच की हर गेंद, रन और विकेट पर दांव लगवाकर लाखों रुपये का लेन-देन कर रहे हैं। शुरुआत में युवाओं को छोटे दांव लगवाकर इस नेटवर्क से जोड़ा जाता है, जिसके बाद धीरे-धीरे बड़ी रकम का खेल शुरू हो जाता है। कई मामलों में हार के बाद युवक कर्ज में डूब रहे हैं, जिससे परिवारों में तनाव और सामाजिक विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आईपीएल सट्टेबाजी का यह बढ़ता नेटवर्क युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। अभिभावकों और समाजसेवियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई कर युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से बचाया जाए। वहीं पुलिस का कहना है कि आईपीएल सट्टे को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनी हुई है। साइबर माध्यमों से संचालित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है तथा जल्द ही कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
एसपी राजेश व्यास के आने के बाद क्या सटोरियों पर कसेगा शिकंजा? जिले में नवागत पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के पदभार संभालने के बाद अब लोगों की नजर पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। शहर में चर्चा है कि नए एसपी के नेतृत्व में आईपीएल सट्टे के अवैध नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है। आमजन उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस प्रशासन सटोरियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाकर युवाओं को इस दलदल से बाहर निकालने का प्रयास करेगा।
अपील: प्रशासन और समाजसेवियों ने युवाओं से अपील की है कि वे इस तरह के अवैध और जोखिम भरे कार्यों से दूर रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।


