नीमच। जिले में हाल ही में सामने आए दो अलग-अलग भूमि विवादों ने पुलिस की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा छेड़ दी है। एक ओर जावद थाना क्षेत्र के कानका गांव में तीन फीट जमीन के विवाद ने दो लोगों की जान ले ली, वहीं दूसरी ओर बघाना थाना क्षेत्र में समय रहते पुलिस हस्तक्षेप से एक पारिवारिक विवाद का शांतिपूर्ण समाधान हो गया।
कानका गांव में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि विवाद को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल रहा और पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू की। इसी बीच बघाना थाना प्रभारी राधेश्याम डांगी की कार्यशैली चर्चा का विषय बनी हुई है। भूमि विवाद में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर उन्होंने मौके की स्थिति समझी और आपसी सहमति से समाधान निकालने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि इस पहल से एक बड़ा विवाद बढ़ने से पहले ही शांत हो गया।
इसके अलावा थाना परिसर में ही एक पारिवारिक मामले में भी दोनों पक्षों की बात सुनकर समझाइश के माध्यम से विवाद का समाधान कराया गया। यह घटनाक्रम इस बात की ओर संकेत करता है कि भूमि विवाद केवल कानूनी नहीं बल्कि सामाजिक और पारिवारिक संवेदनाओं से जुड़े विषय होते हैं। समय पर संवाद, समझाइश और सक्रिय पुलिस हस्तक्षेप कई बार बड़े विवादों को टाल सकता है। बघाना थाना प्रभारी राधेश्याम डांगी की पहल को क्षेत्र में सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि विवादों के समाधान में संवेदनशीलता और तत्परता दिखाई जाए तो कई परिवार टूटने से बच सकते हैं।


