( मनोज मीणा )
नीमच। औद्योगिक विकास की दिशा में नीमच जिले के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक खबर है। क्षेत्र के प्रख्यात उद्योगपति कैलाश धानुका ने मध्य प्रदेश में एक नया औद्योगिक कीर्तिमान रचने जा रहे है। उनके द्वारा नीमच में एक और विशाल मेगा परियोजना स्थापित की जा रही है, जो प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 जून 2026 को नीमच जिले के दौरे पर आ रहे हैं। सीएम डॉ. यादव धानुका ग्रुप की इस नई और अति-महत्वाकांक्षी औद्योगिक परियोजना का भव्य शुभारंभ भी करेंगे।
*1,247 करोड़ का महा-निवेश, एमपी की पहली सोलर ग्लास यूनिट*।
धानुका बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड (DBPL) द्वारा नीमच जिले की जीरन तहसील के ग्राम सोनियाना में यह अत्याधुनिक ‘सोलर टेम्पर्ड ग्लास’ निर्माण इकाई स्थापित की जा रही है। 31.73 एकड़ भूमि पर आकार लेने वाले इस मेगा प्रोजेक्ट में कुल 1,247.71 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि यह मध्य प्रदेश की पहली वृहद-स्तरीय सोलर ग्लास मैन्युफैक्चरिंग यूनिट होगी, जो विश्व की सर्वोत्तम तकनीक पर आधारित है। यहाँ प्रतिदिन 600 टन (1,72,800 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष) सोलर ग्लास का उत्पादन होगा।
*नीमच के युवाओं के लिए रोजगार की बहार*।
उद्योगपति धानुका का यह कदम स्थानीय युवाओं के लिए वरदान साबित होने वाला है। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से कुल 1,690 लोगों को रोजगार मिलेगा, जिसमें 490 प्रत्यक्ष (तकनीकी एवं प्रशासनिक) और 1,200 अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि भर्तियों में नीमच जिले के स्थानीय युवाओं को ही प्राथमिकता दी जाएगी।
*’आत्मनिर्भर भारत’ को ताकत, हर साल बचेंगे 1,283 करोड़ रुपये*।
भारत वर्तमान में अपनी जरूरत का केवल 15% सोलर ग्लास ही देश में बनाता है, बाकी आयात करना पड़ता है। नीमच की यह नई इकाई हर साल देश के लगभग 1,283 करोड़ रुपये के आयात को रिप्लेस (प्रतिस्थापित) करेगी, जिससे भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा की बचत होगी। यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री के “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” अभियान को सीधे तौर पर मजबूत करेगा।
*ग्रीन प्रोजेक्ट: अपनी ही बिजली से चलेगी फैक्ट्री*
पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए धानुका ग्रुप इस फैक्ट्री के साथ 40 मेगावाट का एक ‘कैप्टिव सोलर पावर प्लांट’ भी लगा रहा है। यानी इस फैक्ट्री को चलाने के लिए स्वच्छ और हरित ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाएगा, जो इसे एक “आदर्श ग्रीन इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट” बनाता है।
*प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान*।
अनुमान है कि अपने जीवनकाल के शुरुआती 15 वर्षों में ही यह परियोजना मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 3,000 से 4,000 करोड़ रुपये का शानदार योगदान देगी। साथ ही जीएसटी और बिजली शुल्क के माध्यम से राज्य सरकार को बड़ा राजस्व प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 29 जून 2026 के प्रस्तावित नीमच दौरे और इस प्रोजेक्ट के शुभारंभ को लेकर प्रशासनिक हलकों और उद्योग जगत में तैयारियां तेज हो गई हैं। उद्योगपति कैलाश जी धानुका की यह पहल नीमच को भारत के सोलर विनिर्माण मानचित्र पर एक चमकता हुआ सितारा बना देगी।


