जावद (नीमच)। मध्यप्रदेश शासन के जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जावद विकासखंड में प्राचीन गुलाब बावड़ी (खोर दरवाजा परिसर) पर भव्य बावड़ी उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जल संरक्षण का संदेश दिया गया तथा मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन कर उपस्थित लोगों ने वर्षा जल के संरक्षण और जल स्रोतों के संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के तिलक-वंदन एवं स्वागत के साथ हुआ। इसके बाद बावड़ी परिसर स्थित हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया तथा भगवान शंकर का जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और उत्तम वर्षा की कामना की।
प्रस्फुटन समिति के सदस्यों ने गुलाब बावड़ी के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके निर्माण में लगभग 18 माह का समय लगा था और राजस्थान से कुशल मिस्त्रियों को बुलाया गया था। उन्होंने बताया कि उनके पूर्वज चार पीढ़ियों से इस बावड़ी का संरक्षण करते आ रहे हैं और आज भी यह ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत बनी हुई है। ब्लॉक समन्वयक शिवशंकर शर्मा ने बताया कि 19 मार्च से 30 जून तक चले जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नदी, तालाब, कुएं एवं बावड़ियों की साफ-सफाई, गहरीकरण और जनजागरूकता के व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान में जिला प्रशासन, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, नवांकुर संस्थाओं, परामर्शदाताओं, प्रस्फुटन समितियों, सीएमसीएलडीपी के विद्यार्थियों, समाजसेवियों एवं ग्रामीणों का उल्लेखनीय सहयोग रहा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने ध्यानपूर्वक सुना और जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया। समापन पर समरसता भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन अजय सैन ने किया। इस अवसर पर देवीलाल धनगर, विनोद कुमार नारानिया, कोमल भट्ट, संतोष मीणा, पूजा माली, योगिता पाटीदार, विमला प्रजापत, महेश प्रजापत, पूर्णिमा बगड़, यशोदा धाकड़, कविता धाकड़, ज्योति श्योपुरा, रुचिका वैष्णव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।


