नीमच। निरंजनी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने वक्फ बोर्ड की मॉनिटरिंग और धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। नीमच आगमन पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी। सनातन धर्म की शीर्ष संस्था श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज इन दिनों मालवा क्षेत्र के प्रवास पर हैं। नीमच पहुंचने पर उन्होंने वक्फ बोर्ड की मॉनिटरिंग को लेकर मध्य प्रदेश सरकार के कदम की सराहना की और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई दी। स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि पहले वक्फ बोर्ड की भूमि, धन और अन्य मामलों को लेकर कई प्रकरण सामने आए थे। ऐसे में सरकार द्वारा इसकी निगरानी करना और व्यवस्थाओं पर ध्यान देना अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म की संस्था हो, वहां योग्य, कर्मठ और विद्वान लोगों को जिम्मेदारी मिलनी चाहिए।वहीं, मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में दान की सामग्री को लेकर उठे सवालों पर भी स्वामी जी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश के जिन मठों और मंदिरों से लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है, वहां व्यवस्थाओं में पूरी पारदर्शिता और सावधानी बरती जानी चाहिए। यदि कहीं कोई कमी सामने आती है तो उसमें सुधार आवश्यक है। स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि ऐसे मामलों में राज्य सरकार और केंद्र सरकार को ध्यान देना चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार इस दिशा में उचित कदम उठाएगी और संत समाज भी निरंतर प्रयासरत है। मालवा प्रवास के दौरान स्वामी जी ने क्षेत्र की आध्यात्मिक परंपराओं की सराहना की। उनके बयान को धार्मिक और सामाजिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर धार्मिक संस्थाओं की व्यवस्थाओं और पारदर्शिता को लेकर दिए गए सुझावों की चर्चा हो रही है।