भीलवाड़ा/ मंदसौर। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में पुलिस ने एक बड़े ड्रग्स निर्माण नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए कथित तौर पर करीब 122 करोड़ रुपये मूल्य के मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स और उससे जुड़े रसायनों को जब्त किया है। कार्रवाई के बाद मामले के तार मध्यप्रदेश के मंदसौर-नीमच क्षेत्र से जुड़ने पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस के अनुसार बिजोलिया थाना क्षेत्र के चंपापुर इलाके में एक सुनसान मकान में अवैध रूप से एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। सीओ योगेश शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापा मारकर वहां से बड़ी मात्रा में तैयार ड्रग्स, रसायन और उपकरण बरामद किए।
फैक्ट्री में क्या मिला पुलिस के अनुसार मौके से लगभग 39 किलोग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 22 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा भारी मात्रा में रॉ मैटेरियल, रसायन और ड्रग्स निर्माण में प्रयुक्त उपकरण भी बरामद किए गए हैं। जब्त सामग्री का कुल मूल्य लगभग 122 करोड़ रुपये आंका गया है।
मंदसौर-नीमच कनेक्शन
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें मंदसौर जिले के डोडिया मीणा निवासी वीरेंद्र उर्फ पप्पू दायमा,नीमच जिले के बहादुर सिंह बंजारा तथा भीलवाड़ा जिले के भोपतपुरा निवासी बबलू बंजारा शामिल हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की जानकारी जुटा रही है।
पुराने वायरल वीडियो की फिर चर्चा
मामले के सामने आने के बाद जनवरी 2025 में वायरल हुए उस वीडियो की भी चर्चा तेज हो गई है, जिसमें मंदसौर के तत्कालीन एएसआई सुनील तोमर और एएसआई जगदीश ठाकुर कथित रूप से पप्पू दायमा के जन्मदिन समारोह में दिखाई दिए थे। वीडियो वायरल होने के बाद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक द्वारा दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।
उठ रहे हैं कई सवाल
भीलवाड़ा में हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब कई अहम प्रश्न चर्चा में हैं—
ड्रग्स निर्माण नेटवर्क का वास्तविक सरगना कौन है?
राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था?
ड्रग्स निर्माण में उपयोग होने वाले रसायनों की आपूर्ति कहां से हो रही थी?
क्या इस पूरे नेटवर्क को किसी प्रकार का संरक्षण प्राप्त था?
गिरफ्तार आरोपियों के अन्य राज्यों में भी संपर्क थे या नहीं?
जांच जारी
राजस्थान पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने इसे क्षेत्र की बड़ी ड्रग्स विरोधी कार्रवाई में से एक बताया है।


