अंतिम सफर पर निकला जीरन का लाल: CRPF जवान संजय पाटीदार पंचतत्व में विलीन, 'गार्ड ऑफ ऑनर' के साथ दी गई विदाई
21 May 2026
NEEMUCH NEWS
जीरन (नीमच)। क्षेत्र में उस वक्त शोक की लहर दौड़ गई जब सीआरपीएफ (CRPF) नीमच में पदस्थ जीरन निवासी जांबाज सिपाही संजय पाटीदार (सगवारिया) के आकस्मिक निधन की खबर आई। डीआईजी रेंज सीआरपीएफ ऑफिस नीमच में अपनी सेवाएं दे रहे महज 35 वर्षीय संजय पाटीदार के इस तरह असमय चले जाने से पूरा जीरन अवाक और गमगीन है। आज सुबह पूरे राजकीय व सैन्य सम्मान के साथ नम आंखों से शहीद जवान को अंतिम विदाई दी गई।
*तिरंगे में लिपटे लाल को देख रो पड़ा पूरा नगर,जैसे ही सीआरपीएफ जवान संजय सगवारिया का पार्थिव देह जीरन के गणपति मंदिर चौराहे पर पहुंचा, वहां मौजूद हजारों नागरिकों का हुजूम उमड़ पड़ा। भारत माता के जयकारों और "जब तक सूरज चांद रहेगा, संजय तेरा नाम रहेगा" के गगनभेदी नारों से पूरा आसमान गुंजायमान हो उठा। अपने लाडले को तिरंगे में लिपटा देख सिर्फ परिवार ही नहीं, बल्कि उपस्थित हर एक नगरवासी की आंखें नम हो गईं।
*गार्ड ऑफ ऑनर और पुष्प चक्र से दी गई श्रद्धांजलि
सुबह 9 बजे लोहिया नगर स्थित उनके निवास स्थान से अंतिम यात्रा शुरू हुई, जो जीरन के मुक्तिधाम पहुंची। अंतिम विदाई के इस भावुक पल में सीआरपीएफ के अधिकारी रामरस मीणा की अगुवाई में पहुंचे सैन्य दल ने जवान को 'गार्ड ऑफ ऑनर' (सलामी) दिया। अधिकारियों द्वारा पुष्प चक्र अर्पित कर विभाग और देश की ओर से जांबाज जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
मासूम बेटे और पिता ने दी मुखाग्नि, मुक्तिधाम में बेहद गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। संजय के पूजनीय पिता प्रेमनारायण जी पाटीदार, काका सत्यनारायण, छोटे भाई कपिल और उनके मासूम पुत्र वैदिक ने परिवारजनों के साथ मिलकर पार्थिव देह को मुखाग्नि दी। मात्र 35 वर्ष की अल्पायु में देश की सेवा करते हुए संजय का इस तरह जाना पाटीदार परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे जीरन क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। भारत माता के इस सपूत की कर्तव्यनिष्ठा और सेवा को हमेशा याद रखा जाएगा।