नीमच। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी सुश्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को गांधी भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता आयोजित कर निर्वाचन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों, निष्पक्ष चुनाव और संवैधानिक व्यवस्था पर प्रहार बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष तरुण बाहेती ने कहा कि जिस आधार पर नामांकन निरस्त किया गया है, वह कानूनी और नैतिक रूप से विवादित है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक साफ-सुथरी छवि वाली जननेता को तकनीकी आधारों पर चुनावी प्रक्रिया से बाहर करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि इस मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार तथा कांग्रेस महासचिव हरीश चौधरी ने भी कड़ा विरोध दर्ज कराया है। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सांसद विवेक तन्खा तथा अभिषेक मनु सिंघवी ने भी इस मामले में कानूनी पहलुओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिस निजी परिवाद का हवाला देकर निर्णय लिया गया, उसमें मीनाक्षी नटराजन को ‘प्रतिवादी’ बताया गया है, जबकि उन्हें ‘अभियुक्त’ नहीं माना गया है। दोनों स्थितियों में कानूनी अंतर होने के बावजूद जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 33ए एवं फॉर्म-26 की गलत व्याख्या कर कार्रवाई की गई है। इससे भविष्य में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो सकते हैं। जिलाध्यक्ष बाहेती ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक उम्मीदवार की नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई है। यदि विपक्षी उम्मीदवारों को विवादित या तकनीकी आधारों पर चुनाव मैदान से बाहर किया जाएगा तो जनता का लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर सड़क से लेकर कानूनी मंच तक संघर्ष जारी रखेगी। पत्रकार वार्ता में जिला संगठन मंत्री ब्रजेश मित्तल, जिला कोषाध्यक्ष ब्रजेश सक्सेना, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशा सांभर तथा यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनमोहन सिंह (बना) सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में नामांकन निरस्तीकरण की कार्रवाई का विरोध करते हुए निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की मांग की।


