नीमच। शहर के ह्रदय स्थल पर पर्यावरण को लहूलुहान करने का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। विकास की अंधी दौड़ में चंद लोगों ने एक जीवित और हरे-भरे पेड़ की बेरहमी से हत्या कर दी। मामला गांधी वाटिका चौराहा (कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन के सामने) का है, जहाँ एक निर्माणाधीन इमारत के सामने खड़े विशाल पेड़ को रास्ते का रोड़ा मानकर केमिकल या एसिड डालकर सुखा दिया गया। शिकायतकर्ता अवध शर्मा के अनुसार, गांधी वाटिका चौराहे पर स्थित इस निर्माणाधीन भवन के सामने एक लहलहाता हुआ जीवित वृक्ष खड़ा था। अज्ञात और संदिग्ध तत्वों ने जानबूझकर पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने की नीयत से पेड़ के मुख्य तने में गहरे छेद किए और उसमें घातक रसायन (तेजाब) भर दिया। परिणाम यह हुआ कि देखते ही देखते वह हरा-भरा पेड़ पूरी तरह सूखकर बेजान हो गया। चौंकाने वाली बात यह है कि मीडियाकर्मियों द्वारा की गई पड़ताल में वहाँ काम कर रहे एक मजदूर ने कैमरे के सामने यह स्वीकार किया है कि उसे अपने ठेकेदार के निर्देश पर ही पेड़ में रसायन डालने को कहा गया था। इस कबूल नामे के बाद अब शक की सुई सीधे तौर पर निर्माण कार्य से जुड़े रसूखदारों की तरफ घूम गई है। कलेक्टर को सौंपे गए पत्र में साफ कहा गया है कि यह कृत्य पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और भारतीय कानून का खुला उल्लंघन है।शिकायतकर्ता ने प्रशासन से कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है।


