नीमच। धनेरिया कला के वार्ड क्रमांक 14 की तस्वीर आज भी विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। यहां के रहवासी पिछले 30 वर्षों से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की नजरें मानो अब तक यहां तक पहुंच ही नहीं पाई हैं। नगर पालिका से लेकर पिछले 20 वर्षों से ग्राम पंचायत तक—हर स्तर पर केवल आश्वासन मिले, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।चुनाव आते ही जनप्रतिनिधियों का काफिला इस वार्ड की गलियों में पहुंचता है। बड़े-बड़े वादों और भरोसे की मिठास से लोगों का दिल जीत लिया जाता है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही ये वादे भी हवा हो जाते हैं। वर्तमान सरपंच ने भी चुनाव के दौरान खुद को जनता का सेवक बताते हुए हर समस्या का त्वरित समाधान करने का भरोसा दिलाया था। यहां तक कहा था कि रात 12 बजे भी कोई बुलाएगा तो “सेवा” के लिए हाजिर रहूंगा। लेकिन हकीकत यह है कि जीत के बाद उन्होंने एक बार भी वार्ड में आकर हालचाल जानना जरूरी नहीं समझा। वार्ड के लोगों का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी समस्या रोड़ और पानी की है। बारिश में रोड़ कीचड़ से लबालब हो जाते है एवं पंचायत द्वारा डाली गई 3 से 4 इंच की पाइपलाइन से पर्याप्त प्रेशर नहीं बनता, जिससे पानी घरों तक पहुंच ही नहीं पाता। ऐसे में जब मूलभूत सुविधा ही नहीं मिल रही, तो पानी का बिल भरने का सवाल ही कहां उठता है। रहवासियों का साफ कहना है कि यदि 6 इंच की पाइपलाइन डाली जाए तो हर घर तक पानी आसानी से पहुंचेगा और वे नियमित रूप से बिल का भुगतान भी करेंगे। अभी भी भीषण गर्मी में पंचायत द्वारा पानी कभी कभार 15-20 दिनों में दिया जाता है जो कि कुछ एक घर तक ही पहुंच पाता है छोटी पाइपलाइन की वजह से….।। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि आज तक सरपंच या पंचायत का कोई जिम्मेदार व्यक्ति यहां आकर समस्याओं को समझने का प्रयास तक नहीं कर पाया। इसी उपेक्षा ने अब लोगों के आक्रोश को खुलकर सामने ला दिया है। वार्डवासियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अब भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे आगामी चुनाव में वोट नहीं देने का संकल्प ले चुके हैं। वार्ड 14 की यह कहानी सिर्फ एक इलाके की नहीं, बल्कि उन तमाम वादों की हकीकत है जो चुनावी मंचों पर तो गूंजते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर दम तोड़ देते हैं।