नीमच। मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम की मुहिम बुधवार को पुलिस पर भारी पड़ गई। डोडा चूरा तस्करी के एक आरोपी को लेकर सिंगोली पुलिस ग्राम चौकड़ी पहुंची तो ग्रामीणों ने घेर लिया। किसी तरह से आरोपी को पुलिस वहां से निकालने में कामयाब हो गई, लेकिन थाना प्रभारी सहित करीब 12 पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों ने घेरा डाल कर रोक लिया। देर रात मनासा के विधायक माधव मारू और एएसपी नवल सिंह सिसोदिया, एसडीओपी विमलेश उइके समेत अन्य थानों का बल मौके पर पहुंचा है। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल को मौके पर बुलाने पर अड़े हुए हैं।
कई बार झूठे प्रकरण बनाने पर फंस चुकी पुलिस,नीमच जिले में अफीम की लाइसेंसी खेती व्यापक पैमाने पर होती है। सरकार लंबे समय से डोडा चूरा की खरीदी नहीं कर रही है। इस कारण अंचल में डोडा चूरा की तस्करी के मामले बढ़ रहे हैं। तस्करों के मकड़ल जाल में सेंधमारी कर रही पुलिस भी कई बार झूठे प्रकरण बनाने के मामले में फंस चुकी है। अनेक पुलिसकर्मियों की सेवाएं भी समाप्त हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि नीमच के व्यवसायी अक्षय गोयल के खिलाफ झूठा प्रकरण बनाने पर पांच पुलिसकर्मियों जिनमें उप निरीक्षक कमलेश गौड़, आरक्षक सतीश कुशवाहा, चंदन सिंह, कमल सिंह और आनंदपाल सिंह को बर्खास्त किया जा चुका है। इसी तरह से नारकोटिक्स विंग के पुलिस अफसरों ने अफीम की खेती करने वाले किसानों को डरा धमकाकर करोड़ों रुपए की अवैध वसूली कर प्रॉपर्टी खरीदी। मादक पदार्थों की धरपकड़ के मामले में अवैध रूप से वसूली करने के मामले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा ने मनासा थाने में पदस्थ आरक्षक देवेंद्र चौहान को निलंबित किया था। इसके पहले नीमच नारकोटिक्स विंग थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक प्रमोद पाटीदार का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वह सीधे तौर पर तस्करों को छोड़ने और तोड़ बट्टे कराने जैसी बात करते दिखाई दिया था। अब सिंगोली पुलिस टीम द्वारा मनासा थाना क्षेत्र के गांव में तस्करी के आरोपी को लेकर पहुंचने पर नया विवाद खड़ा हो गया है।
ऐसा मामला जिसमें कोर्ट ने सुनाई टीआई को सजा
तस्करी की रोकथाम की मुहिम पर वाहवाही लूटने वाली पुलिस कई बार झूठे मामलों में भी लोगों को फंसाती रही है। ऐसे मामलों में कोर्ट थाना प्रभारी तक को सजा सुना चुकी है। बता दें कि 2023 में एनडीपीएस एक्ट विशेष न्यायालय नीमच के न्यायाधीश अनुज कुमार मित्तल की कोर्ट ने ट्रक से 170 किलोग्राम डोडाचूरा जब्ती के मामले में झूठा प्रकरण पंजीबद्ध करने साक्ष्य पर पांच साल से जेल में बंद आरोपी ट्रक चालक को बरी कर तत्कालीन सिंगोली थाना प्रभारी समरथ सिनम पर तीन लाख का जुर्माना लगाकर प्रतिकर के रूप में तीन माह में पीड़ित चालक को अदा करने के आदेश दिए थे। नीमच कोर्ट में यह पहला और ऐतिहासिक फैसला आने के बाद पुलिस और ज्यूडिशरी विभाग में खूब चर्चा रही है।
डोडा चूरा: सरकार की मंशा पर उठ रहे सवाल,केंद्र सरकार मध्यप्रदेश के नीमच-मंदसौर जिला और जावरा ब्लॉक में व्यापक पैमाने पर लाइसेंस देकर किसानों से अफीम की खेती करवा रही है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के माध्यम से इस खेती का निगरानी में रखा गया है, लेकिन दुर्भाग्यजनक है कि सरकार पिछले सात वर्षों से किसानों से डोडा चूरा (लेवी पद्धति की खेती) नहीं खरीद रही है। सात वर्ष पहले सरकार किसानों से 125 रुपये किलो के भाव डोडा चूरा खरीद रही थी। तब ऐसे मामले बहुत कम बनते थे, लेकिन बाद में सरकार ने डोडा चूरा खरीदना बंद कर दिया। सरकार की ओर से की जा रही इस लापरवाही की वजह से परेशानियां बढ़ रही है। पुलिस आरोपियों को पकड़ती है और धारा 8/29 का दबाव दिखा कर अवैध वसूली करती है, ऐसे आरोप लगातार लगाए जा रहे हैं। कई बार मुख्य आरोपी को ही छोड़ दिया जाता है और वाहन चालक को तस्कर बता दिया जाता है। सरकार किसानों को अफीम की खेती के लाइसेंस दे रही है,लेकिन डोडा चूरा को लेकर कोई स्पष्ट पॉलिसी नहीं होने से सरकार की मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालत यह है कि नीमच और मंदसौर की जेलों में 75 प्रतिशत बंदी केवल डोडाचूरा के आरोपी हैं।
रास्ते में जेसीबी खड़ी कर पुलिस वाहन रोके
बुधवार को डोडा चूरा की तस्करी मामले में ग्राम चौकड़ी में पतारसी करने पहुंची सिंगोली थाना पुलिस टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया। जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रही है। गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस को गांव से निकलने नहीं दिया और गाली गलौज किया। पुलिसकर्मी ग्रामीणों को सफाई देते रहे, लेकिन गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस वाहन के आगे जेसीबी खड़ी कर दी। काफी समय बाद मनासा के विधायक अनिरुद्ध माधव मारू और एएसपी नवल सिंह सिसोदिया मय फोर्स के मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश का प्रयास किया जा रहा था।
पांच घंटे बाद भी ग्रामीणों ने नहीं छोड़ा
बताया जाता है कि घटना बुधवार शाम करीब 4 बजे की मनासा थाना क्षेत्र के गांव चौकड़ी की है। दरअसल, नीमच जिले की सिंगोली थाना पुलिस ने सोमवार की रात में झांतला गांव के पास से चौकड़ी गांव के निवासी नीलेश (उम्र 24 वर्ष) पिता श्यामलाल को 54.3 किलोग्राम डोडा चूरा के साथ गिरफ्तार किया था। इसी मामले में आगे की जांच के लिए पुलिस की टीम आरोपी नीलेश को लेकर चौकड़ी गांव पहुंची थी। जिन्हें ग्रामीणों ने घेर लिया। रात करीब 9 बजे तक ग्रामीणों और विधायक, एएसपी के बीच चर्चा जारी थी।
आरोप: 30 किलो डोडा चूरा पकड़ा, 54.3 किलो का प्रकरण बनाया
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस युवक को पकड़ा गया था, उसके पास 30 किलो अवैध डोडाचूरा था, लेकिन पुलिस ने उसकी मात्रा बढ़ाकर 54.3 किलो कर दिया। ग्रामीणों का ये भी आरोप है कि पुलिस झूठे मामलों में फंसा रही है। मादक पदार्थ तस्करी के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वाहनों में कैद हुए पुलिसकर्मी!
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बुधवार शाम करीब 4 बजे सिंगोली पुलिस तीन गाड़ियों के साथ आरोपी को नीलेश धाकड़ को लेकर गांव पहुंची। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस की वाहन को घेरना शुरू कर दिया। हालात भांपते हुए पुलिस का वाहन आरोपी को लेकर रवाना हो गई, लेकिन दो वाहनों को ग्रामीणों ने रोक लिया। दोनों वाहन में सिंगोली थाना प्रभारी उमेश यादव सहित करीब 10 से 12 पुलिसकर्मी शामिल है। ग्रामीणों ने पुलिस के दोनों वाहनों के सामने जेसीबी खड़ी कर रखी है। पुलिस कर्मियों को वाहनों में ही बैठा रखा है।


