नीमच के मनासा विकासखंड के दरगपुरा गांव में डीबीएल कंपनी की ब्लास्टिंग से मकानों में दरारें आने का मामला सामने आया है। कंपनी ने कच्चा माल तैयार करने के लिए प्लांट लगा रखा है, जहां पत्थर तोड़ने के लिए नियमित रूप से ब्लास्टिंग की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ने तालाब निर्माण के लिए प्रशासन से कम मानक क्षमता की ब्लास्टिंग की अनुमति ली थी। लेकिन वह अधिक क्षमता की ब्लास्टिंग कर रही है। इससे गांव के मकानों में दरारें आ रही हैं और वे कमजोर हो रहे हैं। धनराज बंजारा, विनोद बंजारा, मानसिंह बंजारा सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि गांव में 10 प्रधानमंत्री आवास निर्माणाधीन हैं। इन मकानों की दीवारों और छतों में भी दरारें आ रही हैं और नुकसान हो रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर मनासा एसडीएम ने जांच के लिए तीन सदस्यीय दल का गठन किया है। इस दल में तहसीलदार मनासा, जनपद सीईओ मनासा और लोक निर्माण विभाग के एसडीओ मनासा शामिल हैं। एसडीएम पवन बारिया के अनुसार, जांच दल तीन दिन में अपनी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपेगा।