नीमच। शहर में कॉलोनी और रिसोर्ट निर्माण को लेकर बड़ा अनियमितता का मामला सामने आया है, जहां नियमों को दरकिनार कर निर्माण कार्य कर दिया गया और बाद में कागज़ों में सब कुछ सही दर्शाकर प्रशासन को गुमराह कर पूर्णता प्रमाण पत्र (Completion Certificate) भी प्राप्त कर लिया गया। मामला शहर की एक कॉलोनी और उससे जुड़े रिसोर्ट प्रोजेक्ट का है, जहां जमीनी हकीकत और दस्तावेजों में भारी अंतर देखने को मिला। नियमों के अनुसार कॉलोनी के लिए 25 फीट चौड़ी सड़क और व्यावसायिक प्रोजेक्ट (होटल/रिसोर्ट) के लिए 40 फीट सड़क अनिवार्य होती है, लेकिन मौके पर यह मापदंड पूरे नहीं किए गए।
नियमों की अनदेखी, कागज़ों में सब सही
जांच में सामने आया कि मौके पर सड़क की चौड़ाई निर्धारित मानकों से कम है, लेकिन रिपोर्ट में इसे सही दर्शाया गया। इसी आधार पर संबंधित विभाग द्वारा पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।
रहवासियों की बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि संकरी सड़क के कारण भारी वाहनों का आवागमन मुश्किल हो गया है, जिससे आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। साथ ही कॉलोनीवासियों को रोजमर्रा की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मिलिभगत के आरोप
पूरे मामले में नगर पालिका और संबंधित विभाग के कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि गलत रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को गुमराह किया गया और नियमों की अनदेखी कर प्रोजेक्ट को वैधता प्रदान कर दी गई।
रिसोर्ट संचालक का पक्ष
रिसोर्ट संचालक का कहना है कि उन्होंने सभी नियमों का पालन किया है और जो भी निर्माण हुआ है वह स्वीकृत नक्शे के अनुसार है। यदि कहीं कमी है तो उसे सुधारने के लिए तैयार हैं।
शिकायत के बाद हरकत में प्रशासन
मामले की शिकायत के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ है। अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब क्या होगा?
इस पूरे मामले में अब प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो न केवल प्रमाण पत्र रद्द हो सकता है बल्कि दोषियों पर कार्रवाई भी तय मानी जा रही है।
कागज़ों में चौड़ी सड़क, ज़मीन पर नियमों की धज्जियां कॉलोनी–रिसोर्ट प्रोजेक्ट में बड़ा खेल, गलत रिपोर्ट पर मिला पूर्णता प्रमाण पत्र
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