(प्रितेश सारड़ा, नीमच)
नीमच। रतनगढ़/जाट। विकास की आड़ में विनाश और भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला रतनगढ़ तहसील के जाट क्षेत्र में सामने आया है। जाट से ग्वालियर तक बन रही 29 करोड़ की नवीन सड़क निर्माण में न केवल नियमों को ताक पर रखा गया,बल्कि अब करोड़ों की सरकारी ज़मीन पर भू-माफियाओं ने अपनी नज़रें गड़ा दी हैं।
​बिना अनुमति चट्टानें छलनी, एक बीघा में खुदाई,सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार को मिट्टी की आवश्यकता पड़ी,तो उन्होंने नियमों को ठेंगा दिखाते हुए श्रीपुरा गाँव के अंतर्गत तुमड़िया बस स्टेशन के पास स्थित बेशकीमती सरकारी ज़मीन को निशाना बनाया। सूत्रों के अनुसार,बिना किसी वैध अनुमति के यहां की चट्टानों को छलनी कर दिया गया और करीब 1 बीघा से अधिक क्षेत्र में गहरी खुदाई कर मिट्टी निकाल ली गई। इस अवैध उत्खनन से न केवल राजस्व की क्षति हुई है,बल्कि पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुँचाया गया है। जैसा कि तस्वीरों में स्पष्ट देखा जा सकता है, ज़मीन को बुरी तरह खोदकर छोड़ दिया गया है।
श्मशान कब्जाने वाले भू-माफियाओं की अब सरकारी ज़मीन पर एंट्री,– ​मामला सिर्फ मिट्टी चोरी तक सीमित नहीं है। अब इस खोदी गई ज़मीन पर एक ‘नया खेला’ शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि जिन भू-माफियाओं ने पहले से ही क्षेत्र में श्मशान की भूमि पर अवैध कब्जा जमा रखा है, उन्हीं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने इस बेशकीमती सरकारी ज़मीन को भी घेरना शुरू कर दिया है। ठेकेदार द्वारा की गई खुदाई ने इन माफियाओं के लिए रास्ता साफ कर दिया है।
करोड़ों की ज़मीन, प्रशासन मौन!,तुमड़िया बस स्टेशन के समीप स्थित यह ज़मीन व्यावसायिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और करोड़ों की कीमत वाली है। एक तरफ शासन विकास के नाम पर करोड़ों खर्च कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ ठेकेदार और भू-माफियाओं की मिलीभगत से सरकारी संपत्ति की सरेआम बंदरबांट हो रही है। ग्रामीणों का सवाल है कि क्या स्थानीय प्रशासन और खनिज विभाग को इस बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध उत्खनन और कब्जे की जानकारी नहीं है?
अब देखना यह है कि क्या ज़िम्मेदार अधिकारी इस पर संज्ञान लेकर ठेकेदार पर जुर्माना ठोकते हैं और भू-माफियाओं के चंगुल से इस सरकारी ज़मीन को मुक्त कराते हैं, या फिर विकास के नाम पर यह लूट यूँ ही जारी रहेगी। अब जब तक प्रशासन द्वारा कार्रवाई नही हो जाती,तब तक सिलसिलेवार खबरे जारी रहेगी।