प्रभात फेरियों का महाकुंभ संपन्न, नीमच की प्रभात फेरी रही अनुशासन का केंद्र
18 May 2026
NEEMUCH NEWS
नीमच। सूर्यपुत्र शनिदेव जन्मोत्सव के पावन अवसर पर बाला कुंड बालाजी, श्री राम मंदिर प्रभात फेरी एवं देव मंडल सुंदरकांड समिति के संयुक्त तत्वावधान में नारायणगढ़ में प्रभात फेरियों का महाकुंभ आयोजित किया गया। जिसमें लगभग 100 स्थानों से रामधुन एवं प्रभात फेरियां सहभागी बनी।मनीष चौधरी ने बताया कि इस महाकुंभ में मंशापूर्ण महादेव रणजीत हनुमान मंदिर प्रभात फेरी, इंदिरा नगर नीमच ने भी सहभागिता निभाई । “श्री राम जय राम जय जय राम” के जयघोष एवं धार्मिक भजनों के साथ सभी राम भक्त अनुशासित रूप से झूमते, नाचते और गाते हुए आगे बढ़ रहे थे। नीमच की प्रभात फेरी में पुरुष भक्त सफेद कुर्ता-पजामा, पीले जैकेट एवं सनातनी पगड़ी में नजर आए, वहीं मातृशक्ति लाल चुनर धारण कर शामिल हुई। प्रभात फेरी में हिमाक्ष नामक बालक भगवान गोरखनाथ की वेशभूषा में विशेष आस्था का केंद्र रहा, जो मोर पंख से श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दे रहा था। श्रद्धालु उसके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे थे।नगर के विभिन्न स्थानों पर रामधुन में शामिल भक्तों का पुष्प वर्षा कर सम्मानित किया गया। भीषण गर्मी में जगह-जगह शीतल पेयजल, शरबत एवं अन्य शीतल पदार्थों की व्यवस्था की गई थी। संपूर्ण नारायणगढ़ का वातावरण ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भगवान श्रीराम वनवास पूर्ण कर अयोध्या लौटे हों और नगरवासी उसी उल्लास में डूबे हों।मंच पर ओमप्रकाश बटवाल एवं महामंडलेश्वर हरिओम दास (बांसवाड़ा) ने रामभक्तों को संबोधित करते हुए रामधुन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कलयुग में राम नाम ही मानव जीवन को सरल, सहज एवं शांतिमय बनाने का सबसे श्रेष्ठ माध्यम है। रामधुन से मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा समाज में सद्भाव, समरसता और संस्कारों की स्थापना होती है। कार्यक्रम का संचालन पंडित घनश्याम त्रिवेदी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर एडवोकेट अरविंद पाटीदार ने पुलिस प्रशासन, विद्युत मंडल, नगर परिषद, पत्रकार बंधुओं एवं बाहर से पधारे सभी रामभक्तों, मातृशक्ति एवं आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
महाकुंभ से लौटते समय नीमच का संपूर्ण प्रभात फेरी मंडल हर्कीयाखाल बालाजी मंदिर पहुंचा, जहां सभी भक्तों ने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ कर बालाजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित लक्ष्मीनारायण शर्मा का भगवा दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया।